जागरण संवाददाता, नैनीताल: प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन अजय चौधरी की अदालत ने करीब पांच सौ करोड़ के एनएच मुआवजा घोटाला मामले में सुनवाई की। इस दौरान घोटाले में एसआइटी की ओर से दर्ज सात केसों के मामले में एक साथ सुनवाई हुई।

कुछ आरोपितों की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र पेश किया गया जबकि एसआइटी की गंभीरता का आलम यह है कि इस मामले के लिए ही नियुक्त तीन में से एक भी पैरोकार यहां नहीं पहुंचा। जिसके बाद अब जिला शासकीय अधिकारी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा की ओर से एसएसपी ऊधमसिंह नगर को पत्र भेजकर पैरोकार भेजने की अपेक्षा की है।

एनएच मुआवजा घोटाले में सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चार्जशीट दायर हो चुकी है। मुकदमों में पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह समेत भगत सिंह फोनियां, संजय चौहान, राम सनुज, मदन मोहन पडलिया, भोले लाल, िवकास चौहान, चरन सिंह, जीशान, ओमप्रकाश, अर्पण कुमार के अलावा अनिल कुमार, एडीएम नंदन सिंह्र अनिल शुक्ला, मोहन सिंह, काशीपुर के किसान विक्रम जीत सिंह व मंदीप सिंह, तीर्थपाल समेत आरोपित बनाए गए हैं। इस घोटाले में करीब डेढ़ सौ आरोपित हैं। यह आरोपित जमानत पर हैं।

कोर्ट ने मामले में अब सभी आरोपितों के मामलों की एक साथ सुनवाई तय करते हुए अगली सुनवाई 26 जुलाई नियत कर दी। साथ ही नियत तिथि को पेश होने के लिए सम्मन जारी किया है।

Edited By: Prashant Mishra