हल्द्वानी, जेएनएन : कर्मचारी विरोधी शासनादेशों को निरस्त करने समेत छह सूत्री मांगों को लेकर असहयोग आंदोलन कर रहे उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ ने अब आर-पार का ऐलान कर दिया है। मांगों की अनदेखी से नाराज आइटीआइ कर्मी 28 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। जबकि 23 अक्टूबर से पूर्ण हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।

 

प्रांतीय कार्यकारिणी की शुक्रवार को हुई ऑनलाइन बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि शासनादेशों के विपरीत सचिव द्वारा अनावश्यक आदेश जारी किए जा रहे हैं। जिन्हें निरस्त करने, कार्यदेशकों के 55 पदों पर प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने, कार्मिकों को सत्रांत लाभ देने, विभागीय पुनर्गठन के नाम पर पदों की कटौती रोकने और मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने की मांग तीन माह से की जा रही है। जिसके लिए शासन स्तर पर कई बार गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही। कहा कि इसी अनदेखी के चलते अब चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। जिसके तहत 28 सितंबर को काली पट्टी बांधकर प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया जाएगा।

 

29 सितंबर से पांच अक्टूबर तक अपने मूल व्यवसाय के अतिरिक्त दिए गए सभी प्रभार वापसी के लिए प्रधानाचार्यों को पत्र दिया जाएगा। छह अक्टूबर को प्रांत और मंडल कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सदस्य हल्द्वानी स्थित निदेशालय में धरना व उपवास कार्यक्रम करेंगे। सात से 11 अक्टूबर तक एक घंटा कार्य बहिष्कार व 12 अक्टूबर को देहरादून सचिव कैंप कार्यालय में एक दिवसीय धरना और उपवास कार्यक्रम होगा। जिसके बाद 13 से 23 अक्टूबर तक प्रतिदिन दो घंटा कार्यबहिष्कार व गेट मीटिंग होगी। जबकि, 23 अक्टूबर से प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक पर पूर्ण हड़ताल पर जाने की तैयारी की जाएगी। बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद जोशी, प्रांतीय महामंत्री पंकज सनवाल आदि मौजूद रहे।

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