जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : इस बार अक्षय तृतीया बुधवार (कल) को मनाई जाएगी। 11 साल बाद अक्षत तृतीया पर 24 घंटे के सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है। इस दिन मांगलिक कार्य का विशेष लाभ मिलेगा। वहीं, अबूझ मुहूर्त में शादियां भी जमकर होंगी। महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य व वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया से पहले द्वितीया का लोप है, लेकिन भक्तों के लिए अक्षय तृतीया अपार सुख-समृद्धि लाने वाली होगी। तृतीया 18 अप्रैल को पौने पांच बजे से शुरू होकर रात करीब तीन बजे तक रहेगी। ज्योतिष के अनुसार 11 वर्ष बाद अक्षय तृतीया पर करीब 24 घंटे का सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है। इसमें दिनभर खरीदारी या कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। इधर, विवाह कार्य के लिए शहर के बैंक्वेट हॉल पहले से ही बुक हो गए हैं। :::::::::: खरीदारी के लिए ये रहेगा मुहूर्त सुबह 9:02 से 12:21 बजे- अमृत व शुभ दोपहर 3:18 से 7:45 बजे- चर, लाभ रात 8:05 से 11:33 बजे, शुभ, अमृत ::::::::::: ये हैं सर्वार्थ सिद्धि योग सर्वार्थ सिद्धि योग किसी शुभ कार्य को करने का शुभ मुहूर्त होता है। इस मुहूर्त में शुक्र अस्त, पंचक, भद्रा आदि पर विचार करने की जरूरत नहीं होती। ::::::::: दान-पुण्य करना शुभ ज्योतिषी डॉ. गोपाल दत्त त्रिपाठी के मुताबिक अक्षय तृतीया पर नारायण, परशुराम और हयग्रीव का अवतार हुआ था। ब्रह्मा के पुत्र अक्षय कुमार का भी इस दिन जन्म हुआ था। तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग होना भी इस दिन शुभ संयोग है। खरीद-फरोख्त को और अधिक शुभता मिल सके, इसके लिए सूर्यदेव को जल चढ़ाने के बाद जरूरतमंदों को वस्त्र, ककड़ी, खरबूज व घड़े आदि का दान करना चाहिए। :::::::: ये खरीदी रहेगी लाभकारी इस दिन दो स्थायी लग्न सिंह और वृश्चिक मिल रहे हैं। इस दौरान सोना, चांदी, वाहन, मकान, आदि खरीदने और पूजा कर्म का विशेष लाभ मिलेगा। विवाह और मुंडन आदि संस्कारों के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त है। ::::::::: खूब गूंजेगी शहनाई खरमास की समाप्ति के बाद अक्षत तृतीया से विवाह की शुरुआत होने जा रही है। 18 अप्रैल से 13 मई तक लग्नों की भरमार है। 16 मई से 13 जून तक अधिमास होने से विवाह नहीं होंगे। इसके बाद 14 जून से 16 जुलाई तक जमकर शहनाई गूंजेगी। इसके बाद दिसंबर में ही शादियां होंगी।