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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अग्निवीर भर्ती रैली से चार दिन पहले हल्द्वानी तहसील से ताहिर ने बनाया था फर्जी प्रमाणपत्र

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Thu, 25 Aug 2022 10:37 AM (IST)

Agniveer recruitment rally बुलंदशहर के रैकेट ने अभ्यर्थी ताहिर खान को फेक डाक्यूमेंट उपलब्ध कराए थे। इसके बदले में उन्होंने ...और पढ़ें

अग्निवीर भर्ती रैली से चार दिन पहले हल्द्वानी तहसील से ताहिर ने बनाया था फर्जी प्रमाणपत्र
अग्निवीर भर्ती रैली से चार दिन पहले हल्द्वानी तहसील से ताहिर ने बनाया था फर्जी प्रमाणपत्र

दीप सिंह बोरा, रानीखेत : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में उत्तर प्रदेश का नकल माफिया सक्रिय रहा तो अग्निवीर सैनिक भर्ती रैली में भी पड़ोसी राज्य का ही एक रैकेट फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुनाफाखोरी का खेल खेलता रहा।

फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे अग्निवीर सैनिक बनने बुलंदशहर से केआरसी मुख्यालय रानीखेत आ पहुंचे ताहिर खान ने पूछताछ में ये अहम संकेत दिए हैं। बुलंदशहर के ही एक रैकेट चलाने वाले ने उसे हल्द्वानी से फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर मुहैया कराए।

रैकेट के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय में साठगांठ कर भर्ती प्रक्रिया शुरू होन से चार दिन पूर्व यानि 16 अगस्त को फर्जी कागजात बनवाए। इसकी एवज में ताहिर ने रुपये भी दिए। हालांकि रैकेट ने रकम कितनी वसूली, आरोपित ने इसका खुलासा नहीं किया।

देशसेवा की अहम कड़ी भारतीय सेना में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे एक राज्य के युवक को दूसरे प्रदेश की भर्ती रैली में प्रवेश कराने का पहला सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद खुफिया तंत्र हरकत में आ गया है।

सूत्रों की मानें तो फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर ताहिर को रेलवे बाजार हल्द्वानी का मूल निवासी दर्शाकर रानीखेत पहुंचाकर बुलंदशहर के रैकेट ने स्थानीय तहसील प्रशासन में गहरी पैठ का इशारा भी दे दिया है।

रैकेट ने हल्द्वानी तहसील कार्यालय में स्थायी निवास व जाति प्रमाणपत्र तथा आधारकार्ड के लिए आवेदन कब किया, पूछताछ में ताहिर ने सब कुछ तो नहीं उगला मगर प्रमाणपत्रों के जारी होने की तारीख 16 अगस्त 2022 दर्ज है। सूत्रों के अनुसार दस्तावेजों में बाकायदा एसडीएम हल्द्वानी की मुहर भी लगी है।

रैकेट में कौन कौन शामिल, कहां तक जड़ें

फर्जीवाडो में किसी बड़े रैकेट का हाथ होने का अंदेशा है। सीओ अमित वर्मा के अनुसार इसमें कई लोग शामिल सकते हैं। यह जांच में सामने आएगा। सीओ ने यह भी आशंका जताई कि इससे पूर्व हुई भर्ती रैलियों में भी ताहिर फर्जीवाड़े से हिस्सा ले चुका है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। वहीं माना जा रहा है कि नैनीताल जिला प्रशासन की जांच में कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।

खाकी सादी वर्दी में सतर्क

अग्निवीर भर्ती रैली के मद्देनजर कप्तान प्रदीप राय के निर्देश पर सीओ अमित वर्मा व कोतवाल नासिर हुसैन की अगुआई में खुफिया तंत्र पहले ही सक्रिय किया गया है। ताकि पूर्व की भांति कोई भी गड़बड़ी से निपटा जा सके। फर्जीवाड़ा रोकने के मकसद से स्थानीय खुफिया इकाई के साथ खाकी भी सादी वर्दी में और सतर्क हो गई है।