जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : करीब तीन घंटे के हाई वोल्टेज हंगामे के बाद छात्रों को आश्वासन मिला तब वह ऑडिटोरियम की छत से नीचे उतरे। विधायक राजकुमार ठुकराल ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री की ओर से एमएससी की कक्षाओं को लेकर हरी झंडी दे दी है। मंत्रिमंडल की बैठक में इसे पास कर दिया जाएगा।

पिछले पांच वर्षों से सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एमएससी वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान एवं गणित की कक्षाओं की मांग की जा रही है। समय-समय पर छात्र संघ एवं विद्यार्थी परिषद इसे लेकर मांग उठाते रहे हैं। कई बार विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलपति को भी ज्ञापन दिया, लेकिन कोई सुनवाई ना होने पर शनिवार को छात्र उग्र हो गए। सुबह ही विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता चंदन भट्ट व सौरव राठौर महाविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम हॉल की छत पर चढ़कर कूदकर आत्महत्या की चेतावनी देने लगे। सूचना मिलने पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए।

मौके पर एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे इधर विधायक राजकुमार ठुकराल भारत भूषण चुघ छात्र नेता गोपाल पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र नहीं माने। प्राचार्य प्रोफेसर केके पांडेय के पहुंचने पर और उग्र हो गए। जमकर नारेबाजी करने लगे।विधायक ठुकराल ने प्राचार्य से कहा कि कई बार वह इस संबंध में चक्कर लगा चुके हैं लेकिन छात्रों की समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो सका है। इसके उन्होंने फोन पर शिक्षा सचिव एवं मुख्यमंत्री से वार्ता की विधायक राजकुमार ठुकराल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर वार्ता के बाद उन्होंने महाविद्यालय में एमएससी की तीनों कक्षाओं के लिए हरी झंडी दे दी है। साथ ही कहा है कि मंत्रिमंडल की बैठक में इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया जाएगा और विश्वास दिलाया कि इसी सत्र से एमएससी की कक्षाओं का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। इस बात की घोषणा करते ही छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई।

आश्वासन के बाद ऑडिटोरियम हॉल की छत पर चढ़े छात्रों ने इस शर्त पर नीचे उतरे कि जल्द एमएससी के कक्षाओं के संचालन संबंधित लिखित पत्र मिले साथ ही छात्र संघ चुनाव भी जल्द कराया जाए। करीब तीन घंटे के बाद 12:30 बजे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सौरव राठौर और चंदन नीचे उतरे तब शासन प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस मौके पर गोपाल सिंह बिष्ट, रचित सिंह, राहुल गुप्ता, स्नेह, रंजीत, सुधाकर आदि मौजूद थे।

Edited By: Prashant Mishra