जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : एडीजी कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार ने पूनम हत्याकांड की समीक्षा व परिजनों से पूछताछ के बाद माना कि यह हत्याकांड पुलिस के लिए पहेली बन चुका है। हालांकि उन्होंने वारदात के पीछे परिवार के किसी व्यक्ति की साजिश होने के संकेत मिलने की बात कहते हुए हत्याकांड के खुलासे की उम्मीद जताई।

एडीजी शनिवार सुबह ट्रेन से रेलवे स्टेशन काठगोदाम पहुंचे और नौ बजे ट्रांसपोर्टर लक्ष्मी दत्त पांडे के घर रवाना हुए। आइजी पूरन सिंह रावत समेत जिलेभर के अफसरों को साथ लेकर पहुंचे एडीजी ने एक घंटे तक ट्रांसपोर्टर व उनकी बेटी अर्शी से पूछताछ की। इसके बाद पत्रकारों से वार्ता में एडीजी ने कहा कि पुलिस टीमें पेशेवर तरीके से अपराध करने वाले सैकड़ों बदमाशों को पकड़कर पूछताछ कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। वारदात के पीछे पारिवारिक कारण होने के संकेत मिल रहे है्रं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है। पुलिस हर बिंदु की जांच कर रही है। 26 अगस्त की रात ट्रांसपोर्टर लक्ष्मी दत्त पांडे की पत्‍‌नी पूनम की हत्या कर बदमाशों ने बेटी को अधमरा कर दिया था। इस मामले में हाई कोर्ट के संज्ञान लेने पर डीआइजी पुष्पक ज्योति के नेतृत्व में एसआइटी गठित कर जांच शुरू की गई, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं है। बदमाशों पर कार्रवाई के अभियान की समीक्षा

एडीजी अशोक कुमार ने दोपहर में आइजी पूरन सिंह रावत समेत जिले के अफसरों व थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर अपराधों की समीक्षा की। इसके बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि वांछित और इनामी अपराधों की गिरफ्तारी, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण व बदमाशों पर कार्रवाई के लिए एक से 15 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कुमाऊं में 65 वांछित अभियुक्त पकड़े जा चुके हैं। जबकि तीन ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। 14 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभियान के दौरान 349 वारंटियों की भी गिरफ्तारी हुई और 139 न्यायालय में पेश हुए। 32 वारंटियों के पते गलत निकले, जबकि 222 वारंट अन्य कारणों से तामील नहीं हो पाए। गैंगस्टर एक्ट के तहत पांच मुकदमे दर्ज कर 21 लोगों पर कार्रवाई की गई। गुंडा अधिनियम में 105 और एक बदमाश को जिला बदर किया गया है। 115 गैंगस्टर लापता मिले हैं। 42 नए बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। 46 की निगरानी बंद की गयी। मंडल से मफरूर चल रहे 112 बदमाशों में से छह का सत्यापन कर चार को गिरफ्तार और दो की मफरूरी खारिज की गई है। जब एडीजी के फोन मिलाने पर नहीं उठा 100 नंबर

एडीजी की पत्रकार वार्ता में पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 के नहीं उठने की शिकायत की गई। इस पर एडीजी ने खुद 100 नंबर मिलाया, लेकिन वह तब भी नहीं उठा। एडीजी ने अफसरों को 100 नंबर के नहीं उठने या कहीं और मिलने की समस्या का पता लगाकर समाधान के निर्देश दिए। अरुण व नीरू हत्याकांड के खुलासे को बनेगी टीम

2016 में हुए अरुण पाल हत्याकांड व 15 मई 2018 को हुए करोड़पति नीरू साह हत्याकांड का अब तक खुलासा नहीं होने का मामला भी एडीजी के समक्ष उठा। एडीजी ने दोनों मामलों के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। अज्ञात शवों की पहचान के लिए फिर चलेगा ऑपरेशन शिनाख्त

एडीजी ने कहा कि कुमाऊं मंडल के साथ ही राज्य में मिले अज्ञात शवों की पहचान के लिए ऑपरेशन शिनाख्त चलाया गया था। अब भी राज्य में कई शवों की शिनाख्त होनी है। इसके लिए फिर से यह ऑपरेशन चलाकर शवों के परिजनों की तलाश की जाएगी। नशीले पदार्थ बचने वालों की इस मोबाइल नंबर पर करें शिकायत

नशे पर रोकथाम और तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए एडीजी ने जनसंवाद भी किया। इसमें एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स के कामों की समीक्षा की गई। एडीजी ने मोबाइल नंबर 94120-29536 जारी करने के साथ ही कहा कि किसी भी तस्कर के बारे में पता चलने पर इस नंबर पर फोन कर शिकायत करें। एडीजी ने बताया कि टास्क फोर्स ने एक माह में 145 अभियोग पंजीकृत कर 160 तस्करों को गिरफ्तार किया है। एडीजी ने लोगों से भी नशे पर रोकथाम के लिए सुझाव लिए। इस दौरान आइजी पूरन सिंह रावत, एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी, एसपी अमित श्रीवास्तव, एसपी हरीश चंद्र सती, सीओ लोकजीत सिंह, राजीव मोहन, दिनेश चंद्र ढौंडियाल, विजय थापा, रायमन नबियाल आदि मौजूद रहे।

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