जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : एक बार फिर कुमाऊं स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ा सवाल उठा है। अल्मोड़ा जिले के तेजाब कांड के तीन घायलों में से एक को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में न्यूरोसर्जन नहीं होने की वजह से उपचार नहीं मिल सका है। मंगलवार को एडीएम हरबीर सिंह की मदद से दिल्ली हायर सेंटर रेफर करवा दिया गया है। दसौं गांव में हुए तेजाब कांड की घायल 33 वर्षीय जया व 21 वर्षीय नीमा के अलावा आरोपित 55 वर्षीय रघुनाथ को एसटीएच में भर्ती किया गया था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि जया 60 फीसद झुलसी है, जिसे आइसीयू में भर्ती किया गया है। नीमा 21 फीसद जली है। इसे बर्न यूनिट में रखा गया है। रघुनाथ करीब 20 फीसद जला है, लेकिन उसके सिर में भी चोट थी। न्यूरोसर्जन नहीं होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. हिमांशु सक्सेना ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की मदद से ही दोनों घायलों का निश्शुल्क इलाज किया जा रहा है। एडीएम हरबीर सिंह की मदद से भेजा हायर सेंटर एसिड पीड़ित रही कविता बिष्ट व सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गौनिया एसटीएच पहुंचे। गौनिया ने बताया कि एसिड अटैक पीड़ित रघुनाथ के पास एंबुलेंस के लिए भी बजट नहीं था। इसके लिए सभी अधिकारियों को फोन किया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। बाद में एडीएम हरबीर सिंह ने पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद की और रघुनाथ को दिल्ली हायर सेंटर भेजा। उनका कहना था कि एसिड पीड़ितों को पूरी तरह निश्शुल्क इलाज का प्रावधान है।