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कुमाऊं के कॉलेजों में जेन-जी ने बुलंद किया भगवा झंडा, एनएसयूआई को महज छह सीटों पर मिली विजय

Published: Wed, 30 Sep 2026 10:26 AM (GMT+05:30)

कुमाऊं के 50 कॉलेजों में हुए छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी ने 16 अध्यक्ष पदों पर जीत हासिल कर भगवा ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे छात्र संघ चुनाव में कुमाऊं के पहाड़ों से लेकर तराई तक के कालेज भगवामय हो गए। कुमाऊं के 50 कालेज में से 16 में अध्यक्ष पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बाजी मारी, जबकि एनएसयूआइ 6 सीट ही जीत सकी।

वहीं 25 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी विजय पताका लहराई, जबकि रामगढ़ और देवीधुरा कालेज में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन ही नहीं हुआ।

छात्र संघ चुनाव को विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट माना जा रहा था। यही वजह थी कि भले ही बैनर और पोस्टर में एबीवीपी और एनएसयूआइ के प्रत्याशी नजर आ रहे थे, लेकिन पर्दे के पीछे चुनावी प्रबंधन कांग्रेस और भाजपा के नेता कर रहे थे। विधानसभा चुनाव से पहले जेन-जी को अपने पक्ष में दिखाने का संदेश देहरादून से लेकर दिल्ली तक पहुंचाने की कवायद में उन्होंने एड़ी-चोटी का जोर लगाया था।

यही नहीं ऐसे समय में जब राष्ट्रीय से लेकर प्रदेश की राजनीति में जेन-जी बेहद अहम मतदाता वर्ग बन चुका है और उसे लुभाने के लिए अलग-अलग प्रयास किए जा रहे हैं तो उनके मूड भांपने का सबसे सटीक तरीका छात्र संघ चुनाव ही था। अब कुमाऊं में एबीवीपी की 16 सीटों पर जीत से भाजपा यह संदेश देने में कामयाब हुई है कि युवा आज भी राष्ट्रवाद और भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा व मूल्यों की विचारधारा पर विश्वास करते हैं।

वहीं छात्रों की गूंज जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देशभर में युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रही कांग्रेस के लिए यह संदेश भी है कि अभी कुमाऊं में उन्हें जेन-जी को रिझाने के लिए काफी मेहनत करने की जरूरत है।

कई निर्दलीय एबीवीपी की पृष्ठभूमि के
कुमाऊंभर में छात्र संघ चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 25 निर्दलीय में से कई एबीवीपी की पृष्ठभूमि के हैं। टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने बगावत कर निर्दलीय के तौर पर चुनावी मैदान में ताल ठोकी। नैनीताल जिले की ही बात करें तो प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कालेज में जीत दर्ज करने वाले आर्यन बेलवाल एबीवीपी के बागी हैं। इसी तरह रामनगर कालेज से नीरज कंडारी ने जीत दर्ज की, जो एबीवीपी के पदाधिकारी रह चुके हैं।

तराई में एनएसयूआइ का सूपड़ा साफ
यूएस नगर में एनसएयूआइ एक भी सीट नहीं जीत सकी। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने नौ में पांच विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी, वहीं 2027 के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के छात्र संगठन को एक भी
सीट नहीं मिलना उसके लिए चिंता का सबब बन सकता है।

बागेश्वर में एनएसयूआइ को बढ़त
वहीं बागेश्वर में ही एनएसयूआइ ने तीन सीट दर्ज कर एबीवीपी पर बढ़त बनाई। वहीं चंपावत के टनकपुर कालेज में मतगणना के दौरान विवाद के चलते देर रात तक परिणाम जारी नहीं हो सके।

एमबीपीजी और डीएसबी में एबीवीपी की हार
छात्र संघ चुनाव के दौरान जिन कालेजों पर सबकी नजर रहती है उसमें हल्द्वानी का एमबीपीजी कालेज और नैनीताल का डीएसबी परिसर भी है। एमबीपीजी में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय आर्यन बेलवाल ने एबीवीपी के धीरज बिष्ट को और नैनीताल में निर्दलीय भानूप्रताप सिंह चौहान ने एबीवीपी के शुभम कुमार को बड़े अंतर से हराया।

एनएसयूआइ नहीं बचा पाई एसएसजे का किला
अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना (एसएसजे) परिसर में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के रोहित कुमल्टा की जीत के साथ एबीवीपी ने पांच साल से चला आ रहा सूखा खत्म कर दिया। रोहित ने एनएसयूआइ प्रत्याशी अमित बिष्ट को 294 मतों से हराया। इधर, चौखुटिया के गोपाल बाबू गोस्वामी कालेज में उत्तराखंड क्रांति दल के छात्र संगठन यूएसएफ ने सभी पदों पर जीत दर्ज की।

कुमाऊं के कालेजों के चुनाव परिणाम

  • जिला - कुल कालेज - एबीवीपी - एनएसयूआइ - निर्दलीय/अन्य
  • नैनीताल - 11 - 2 - 1 - 7
  • चंपावत- 7 - 2 - 0 - 3
  • यूएस नगर- 7 - 3 0 - 4
  • अल्मोड़ा- 12 - 4 - 1- 7
  • पिथौरागढ़- 8 - 3 - 1 - 4
  • बागेश्वर- 5 - 2 -3 - 0