विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आसमान में दिखाई देगा शानदार नजारा: पृथ्वी के करीब आएगा धूमकेतु टेम्पल 2, दो अगस्त को देख सकेंगे

Published: Mon, 27 Jul 2026 01:00 PM (IST)

अगस्त के पहले सप्ताह में धूमकेतु 10पी/टेम्पल 2 पृथ्वी के करीब आएगा, जिसका शानदार नजारा दिखेगा। एरीज के वैज्ञानिक डॉ. ...और पढ़ें

एक धूमकेतु की फोटो। सौजन्य इंटरनेट

एक धूमकेतु की फोटो। सौजन्य इंटरनेट

HighLights

  1. धूमकेतु 10पी/टेम्पल 2 अगस्त में पृथ्वी के करीब।

  2. 2/3 अगस्त को सर्वाधिक करीब, छोटी दूरबीन से दिखेगा।

  3. वैज्ञानिक अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होगी।

जागरण संवादाता, नैनीताल। मौसम ने साथ दिया तो अगस्त के पहले सप्ताह में आसमान में एक शानदार नजारा दिखाई देगा। एक धूमकेतु हमारे बेहद करीब पहुंचने जा रहा है। इस धूमकेतु का नाम 10पी/टेम्पल 2 है। 2/3 अगस्त को यह हमारे सर्वाधिक करीब होगा। 

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडेय ने बताया कि 1967 में भी यह धूमकेतु हमारे बेहद करीब आ चुका है और तीन अगस्त को भी यह हमारे उतने ही करीब होगा।

हालांकि यह धूमकेतु लगभग 5.5 वर्ष सूर्य का चक्कर लगाता है और पृथ्वी से बहुत दूर से गुजर जाता है। मगर हमारे करीब कई दशकों बाद ही पहुंचता है। 4 जुलाई 1873 को खगोलविद विल्हेम टेम्पल ने इसे खोजा था। यह आकार में बहुत बड़ा होने के कारण आसानी से नजर आ जाता है और इसकी चमक भी काफी बढ़ी हुई होती है। आकार में लगभग 10.6 किलोमीटर चौड़ा है।

धूमकेतु हैली का आकार लगभग 10.6 किलोमीटर चौड़ा 

धूमकेतु हैली का आकार भी लगभग इसी के बराबर है। जब यह हमारे सर्वाधिक करीब पहुंचेगा तो इसकी दूरी लगभग 6.19 करोड़ किलोमीटर रह जाएगी। सूर्य के करीब आने पर गर्मी के कारण इनकी बर्फ भाप में बदलने लगती है और धूमकेतु के पीछे धूल और गैस की एक लंबी चमकदार पूंछ बन जाती है, जो लाखों किमी तक लंबी हो जाती है और इसकी सुंदरता को बढ़ाती है। इसे करीब से देखने का यह सुनहरा मौका होगा। हमारे करीब पहुचने पर इसकी चमक करीब सात मैग्नीट्यूड होगी। यानी इसे देखने के लिए एक छोटी दूरबीन की जरूरत होगी।

यह भी पढ़ें- सीएम योगी ने सर्किट हाउस आगरा में किया डिनर: पनीर पकौड़ा को इनकार, लौकी-तोरई की सब्जी के साथ चखा खीर का स्वाद

पृथ्वी के नजदीक पहुंचने की खगोलीय घटना सामान्य बात

डॉ. शशिभूषण पांडेय ने बताया कि धूमकेतुओं का पृथ्वी के नजदीक पहुंचने की खगोलीय घटना सामान्य बात है, लेकिन वैज्ञानिक अध्ययन के। लिए यह अवसर महत्वपूर्ण होते हैं। इससे इनकी आकृति , गति और व्यवहार की वैज्ञानिक जानकारी मिलती है।

यह भी पढ़ें- देहरादून में घरेलू गैस कनेक्शन पर रोक: हजारों आवेदन अटके, लोग परेशान