जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : आवारा कुत्तों की रोकथाम के लिए प्रस्तावित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) मंजूर हो गई है। नगर निगम ने 43.44 लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले सेंटर की फाइल कार्यदायी संस्था आरडब्ल्यूडी यानी ग्राम विकास विभाग को सौंप दी है। कार्यदायी संस्था जल्द ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित करेगी। शहर में लगातार बढ़ते आवारा कुत्तों से हर कोई परेशान है। आए दिन कुत्तों के काटने के मामले सामने आते हैं। इसकी रोकथाम के लिए हल्द्वानी नगर निगम ने राजपुरा वार्ड स्थित अपने स्टोर से सटी खाली जमीन को एबीसी सेंटर के लिए चयनित किया है। सेंटर शुरू होने के बाद कुत्तों का बधियाकरण होने से इनकी बढ़ती संख्या पर अंकुश लगेगा। डेढ़ साल से खाते में जमा हैं 25 लाख एबीसी सेंटर निर्माण की कवायद पिछले तीन साल से चल रही है। शहरी विकास निदेशालय सेंटर के लिए जनवरी 2017 में 25 लाख रुपये जारी कर चुका है। यह राशि खाते में पड़ी है। पहले खरीद ली एनिमल कैचर वैन कुत्ते पकड़ने के लिए एनिमल कैचर वैन की जरूरत होती है। करीब 12 लाख रुपये की कैचर वैन को निगम एक साल पहले ही खरीद चुका है। वैन खड़े-खड़े धूल फांक रही है। कुत्ते काटने के रोजाना 30 से 40 मामले गर्मियों में यानी मार्च से लेकर जून तक कुत्तों का आतंक चरम पर रहता है। महीने में कुत्तों के काटने के 150 से अधिक मामले सामने आते हैं। कई बार एक दिन में ही 30 से 40 लोग बेस अस्पताल में रेबीज का टीका लगाने पहुंचते हैं। 800 कुत्तों का टीकाकरण किया गर्मियों में कुत्तों के काटने के बढ़ते मामले के बाद पशु चिकित्सक डॉ. दिनेश तिवारी को नगर निगम से अटैच किया गया। मई में निगम ने अभियान चलाकर करीब आठ सौ कुत्तों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए।