हल्द्वानी, जेएनएन : राज्य में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का मामला फिर बाहर निकल आया है। शिक्षा विभाग ने नैनीताल जिले के करीब 2900 प्राथमिक शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज तलब किए हैं, जिन्हें संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों को सत्यापन के लिए भेजा जाएगा।

 

जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक नैनीताल गोपाल स्वरूप ने बताया कि उपशिक्षा अधिकारियों से बेसिक शिक्षा के सभी प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटर, स्नातक, टीईटी, स्नातकोत्तर आदि दस्तावेजों का सत्यापन कराकर 20 दिन के भीतर आख्या देने को कहा है।

 

दरअसल, 2018 में एसआइटी की जांच में सैकड़ों शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। इनमें नैनीताल जिले के पांच शिक्षक भी थे। उस समय भी कई शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन के लिए संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय को भेजे गए थे मगर, अधिकांश दस्तावेज सत्यापित नहीं हो सके थे।

 

200 शिक्षकों के दस्तावेज जमा

हल्द्वानी विकासखंड के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत करीब 200 शिक्षकों के दस्तोवज सत्यापन के लिए उप शिक्षाधिकारी कार्यालय में जमा किए गए हैं। इसी तरह अन्य विकासखंडों में भी सैकड़ों शिक्षक अब तक अपने शैक्षिक दस्तोवज जमा कर चुके हैं। बीईओ हल्द्वानी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि जल्द ही दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे जाएंगे।

 

फरार शिक्षक का अब तक नहीं पता 

तीन साल से लापता फर्जी शिक्षक साल 2018 में एसआइटी की जांच के दौरान नयागांव कटान प्राथमिक स्कूल में एक शिक्षक का दूसरे व्यक्ति के दस्तावेज पर नौकरी करने का मामला सामने आया था, जिसका खुलासा आरटीआइ में हुआ। जब तक शिक्षक के गिरेबां तक हाथ पहुंचता वो फरार हो चुका था। अब तक उसका पता नहीं चला है।

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