नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने पेयजल निगम देहरादून के अधिशासी अभियंता इमरान अहमद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते की। कोर्ट ने मामले में निगम के एमडी के साथ ईई इमरान अहमद को नोटिस जारी किया है।

सोमवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ में देहरादून निवासी सुहैल सैफी की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया है कि अधिशासी अभियंता इमरान अहमद के खिलाफ एक पेयजल योजना की मंजूरी के मामले में रिश्वत लेने के आरोप हैं। आरोप है कि ईई द्वारा एक ठेकेदार से 15 लाख रुपये की घूस की मांग की। यह मामला जब यूट्यूब पर प्रचारित हुआ तो सरकार ने अधिशासी अभियंता इमरान अहमद को निलंबित कर दिया। ईई ने सरकार के निलंबन आदेश को याचिका दायर कर हाई कोर्ट में चुनौती दी।

तीन सप्‍ताह में जवाब पेश करने निर्देश

हाई कोर्ट ने सरकार के निलंबन आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि निलंबन का आदेश प्रबंध निदेशक के बजाय सचिव की ओर से जारी किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि पेयजल निगम में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के मामले में इमरान अहमद के साथ विभाग के उच्च अधिकारी भी शामिल हैं, इसलिए मामले की सीबीआइ जांच कराई जाए। कोर्ट ने पेयजल निगम व अन्य पक्षकारों को तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। साथ ही प्रबंध निदेशक व आरोपित इमरान अहमद को नोटिस जारी किए  हैं।

यह भी पढ़ें : छात्रवृत्ति घोटाला मामले में यूपी के छह काॅलेजों के खिलाफ मिले साक्ष्य, भेजी रिपोर्ट 

यह भी पढ़ें : फ्रॉड कर एटीएम से करोड़ों पार करने वाले जेल में बंद 15 हैकर्स पर लगा गैंगस्टर

Posted By: Skand Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस