संस, रामनगर : कॉर्बेट नेशनल पार्क के सानिध्य में बसे रामनगर को उत्तराखंड सरकार ने बर्ड स्टेट घोषित कर देना चाहिए। यह बात ब्रिटेन से आई पक्षीविद कैरोल इस्किम्प ने सोमवार को बेड़ाझाल में आयोजित गोष्ठी के दौरान कही। व्याख्यान की शुरुआत में हिमालय और उत्तराखंड से अपने लगाव के बारे में बताया। कहा कि पक्षियों की प्रजाति और तादाद के मामले में उत्तराखंड काफी समृद्ध है।

लूटाबड़ इलाके में आयोजित गोष्ठी में कैरोल ने कहा कि पर्यटक खासतौर पर बर्ड वॉचर्स यहा पक्षियों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने के लिए आते हैं। ऐसे में सरकार को रामनगर में पक्षियों की तादाद को देखते हुए बर्ड टूरिज्म के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत है। दूसरी ओर, पर्यटन की तुलना पर कहा कि जितने पर्यटक नेपाल में आते हैं, उतने पूरे हिन्दुस्तान में नहीं आते। नेपाल भी पक्षियों की संख्या के मामले में काफी समृद्ध है।

ब‌र्ड्स ऑफ इंडियन सबकाटिनेंट नामक विख्यात पुस्तक की सहलेखक कैरोल ने कहा कि आज बर्ड टूरिज्म आर्थिक तौर पर दुनिया में चौथा स्थान रखता है। पक्षियों की समृद्धता किसी परिवेश की जैव विविधता की सूचक होती है। रामनगर के कॉर्बेट पार्क में प्रवासी पक्षियों का भी जमावड़ा लगता है। कुछ प्रवासी पक्षी तो यहां के परिवेश के इतने अनुकूल हो चुके हैं कि अब प्रवास काल में वापस न जाकर यहीं रह जाते हैं। इस तरह की संभावनाओं पर विचार कर पर्यटन और जैव विविधता के लिहाज से व्यापक योजना बनाई जा सकती है। इससे पक्षी पर्यटन बढ़ने के साथ ही आर्थिक समृद्धि होगी। राज्य कर अधिकारी मितेश्वर आनंद के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में अतुल मेहरोत्रा, गणेश रावत, बचे सिंह डंगवाल, इमरान खान, डॉ. नितिन ढोमने, सुमंता घोष, रमेश बिष्ट, आनंद, विजय यादव, कमल जोशी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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