संवाद सहयोगी, भीमताल : पर्यटन के प्रति सरकार कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2010 में केंद्र सरकार को भेजे गए ट्रिपल-आर (रिपेयर, रेनोवेशन और रेस्टोरेशन) के प्रस्ताव पर आज तक कोई फैसला नहीं हो सका है। वर्ष 2010 में उस समय यहा की झीलों के ट्रिपल-आर प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था जब झीलों की दशा काफी खराब थी।

तब से दस साल बीत गए लेकिन झीलों की कोई सुध नहीं ली गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अब झीलों की स्थिति कैसी होगी। झीलों की दशा और खराब हो गई पर आज तक झीलों के रखरखाव में केवल नैनीताल को छोड़कर किसी और झील के लिए कोई बजट स्वीकृत नहीं किया गया। झीलों के प्रति सरकार की बेरूखी का पता कमलताल झील को देखकर लगता है। पिछले दस साल से स्थानीय लोग कमलताल के रखरखाव, सफाई और सुंदरीकरण की मांग कर रहे हैं। पूर्ववर्ती भाजपा विधायक गोविंद सिंह बिष्ट व दान सिंह भंडारी और कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कई घोषणाएं की पर आज तक एक भी कार्य नहीं हो सका।

अब चूंकि पर्यटन सीजन आने को है तो एकबार फिर से कमलताल के सुंदरीकरण की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय कारोबारियों ने पिछले दस सालों की तरह इस बार भी सिचाई विभाग, जिला प्रशासन और शासन को पत्राचार कर कमलताल की दशा सुधारने की मांग की है। विधायक राम सिंह कैड़ा के मुताबिक सरकार से कई बार झीलों के सुंदरीकरण आदि के लिए वह बजट स्वीकृत करने की मांग कर चुके हैं। जिपं सदस्य अनिल चनौतिया, सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी, कमल व रघुवर आदि ने सीएम को ज्ञापन भेजकर कमलताल की दशा सुधारने की मांग की है।

Posted By: Jagran

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