नैनीताल, जेएनएन : हाई कोर्ट ने आइटीबीपी के हवलदार को सिपाही के पद पर पदावनत करने के मामले उड़ीसा के जर्दा में तैनात डीआइजी को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने आदेश का अनुपालन नहीं करने पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा है कि क्यों न आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने एक माह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

दरअसल, 2014 में आइटीबीपी के कमांडेंट ने उड़ीसा में तैनात लोहाघाट के ग्राम पंचायत कोलीढेक निवासी आइटीबीपी जवान नवीन भट्ट को अनुशासनहीनता के आरोप में हवलदार के पद से पदावनत कर सिपाही बना दिया था। नवीन ने इसके खिलाफ डीआइजी खुर्दा उड़ीसा के पास अपील की, जिसे डीआइजी ने निरस्त कर दिया। नवीन ने डीआइजी के इस आदेश को याचिका दायर कर हाई कोर्ट में चुनौती दी। 2017 में हाई कोर्ट ने कमांडेंट का आदेश निरस्त कर नवीन को हवलदार पद पर बहाल करने को कहा। इस आदेश को आइटीबीपी ने विशेष अपील दायर कर चुनौती दी, जिसे खंडपीठ ने भी खारिज कर दिया। इसके बाद भी हवलदार पद पर बहाली के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नवीन ने अवमानना याचिका दायर की।

पिछले साल सितंबर में एकलपीठ ने डीआइजी को अवमानना नोटिस जारी किया, मगर डीआइजी ने जवाब दाखिल नहीं किया। अब बुधवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए डीआइजी के खिलाफ फिर अवमानना नोटिस जारी कर पूछा है कि आदेश का अनुपालन नहीं करने पर क्यों न अवमानना की कार्रवाई की जाए।

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Posted By: Skand Shukla

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