हल्द्वानी, जेएनएन : पैरामेडिकल कोर्स कराने के नाम पर छात्रों से धोखाधड़ी करने वाले शिक्षण संस्थान संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा आरोपित हरिद्वार में छिपा था। वह नाम बदलकर एक दवा कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी कर रहा था। आरोपित को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

एडमिशन दिलाने के नाम पर हुआ फर्जीवाड़ा

मुखानी थानाध्यक्ष भगवान सिंह महर ने बताया कि काठगोदाम स्थित जलसंस्थान कॉलोनी में रहने वाले दो भाई खीमानंद आर्य व ओम प्रकाश आर्य ने दमुवाढूंगा में पनचक्की चौराहे के समीप युवर ड्रीम वर्किंग एजुकेशन पैरामेडिकल संस्थान के नाम से शिक्षण संस्थान खोला था। इस संस्थान से छात्रों को पैरामेडिकल कोर्स कराने व डिग्री देने के एवज में 1.10 लाख फीस मांगी गई। छात्रों को पांच हजार रुपये में एडमिशन कराने व प्रशिक्षण दिल्ली में दिलाने का झांसा भी दिया गया। एडमिशन फीस देने के बाद भी जब छात्रों को प्रशिक्षण के लिए नहीं भेजा गया तो मुखानी थाना पुलिस तक मामला पहुंचा।

फरार चल रहा था ओमप्रकाश

बनभूलपुरा निवासी अनस अहमद की लिखित शिकायत पर 25 नवंबर 2018 को खीमानंद व ओमप्रकाश के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ। जनवरी 2019 में पुलिस ने खीमानंद को गिरफ्तार किया, जबकि ओमप्रकाश फरार हो गया। काफी तलाश के बाद उसके हरिद्वार के भगवानपुर में छिपे होने का पता चला, जहां पहुंचकर पुलिस दवा कंपनी मेंडग्लो से उसे दबोच लिया। जांच में पता चला कि ओमप्रकाश ने वहां अपना नाम बदलकर ओमी कुमार दर्ज कराया था और काठगोदाम के पते का आधार कार्ड बनवा रखा था। सोमवार को पुलिस उसे हल्द्वानी ले आई और जेल भेज दिया।

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Posted By: Skand Shukla

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