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नानकमत्ता (ऊधमसिंहनगर) जेएनएन : आइटीबीपी की भर्ती में लालकुआं गए युवक सूरज की हत्या के विरोध में परिजनों व ग्रामीणों ने सोमवार को सितारगंज-खटीमा मार्ग पर जाम लगा दिया। आक्रोशित भीड़ ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बस पत्थर मारकर क्षतिग्रस्त कर दी। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर देवेंद्र ङ्क्षपचा के दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर डेढ़ घंटे बाद लोगों ने जाम खोला। वहीं हल्द्वानी में पोस्टमार्टम के दौरान परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। एसएसपी नैनीताल सुनील कुमार मीणा ने आइटीबीपी परिसर हल्दूचौड़ पहुंचकर जवानों से पूछताछ की। हल्द्वानी से पोस्टमार्टम के बाद सूरज का शव एहतियातन घर की बजाय सीधे श्मशान घाट ले जाया गया। 
सोमवार को सूरज की हत्या करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने खटीमा-सितारगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। व्यापारियों ने बाजार बंद कर रखा। जाम लगाकर प्रदर्शनकारी हत्या के जिम्मेदार आइटीबीपी के जवानों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे इसी दौरान जाम हटवाने के लिए पहुंची पुलिस को देखकर प्रदर्शनकारी भड़क उठे। बेकाबू भीड़ ने खटीमा की ओर से आ रही उत्तराखंड परिवहन की काठगोदाम डिपो की बस पर पथराव कर दिया। बस में बैठे यात्री किसी तरह अपने को बचाते हुए वहां से भागे। बेकाबू हालात की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र ङ्क्षपचा मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। बमुश्किल किसी तरह प्रदर्शनकारी शांत हुए इसके बाद जाम खुला। प्रदर्शन करने वालों में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम ङ्क्षसह टुरना, मृतक के पिता ओम प्रकाश सक्सेना, केडी गहतोड़ी, पप्पू गोयल, कुलदीप ङ्क्षसह, प्रकाश कुमार, नकुल भटॅट, गुरङ्क्षवदर ङ्क्षसह, सतपाल ङ्क्षसह गोल्डी आदि ग्रामीण शामिल थे। उधर, साथ ही विधायक प्रेम सिंह राणा ने परिजनों को पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा की। 

यह था मामला 
सूरज के परिजनों का कहना है कि  नानकमत्ता गल्ला मंडी के निवासी ओम प्रकाश सक्सेना का पुत्र सूरज 15 अगस्त आइटीबीपी की भर्ती के लिए लालकुआं गया था। 16 अगस्त को भर्ती थी। सूरज के परिजनों ने बताया कि 16 अगस्त की रात को जब सूरज वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे मोबाइल पर फोन किया। फोन दोस्तों ने उठाया और उन्होंने बताया कि सूरज ने दौड़ इवेंट को क्लियर कर लिया था इसके बाद डॉक्यूमेंट जमा करने के लिए लाइन लगा हुई थी इसी दौरान उसकी आइटीबीपी के जवान से किसी बात पर बहस हो गई। बहस होने के बाद आईटीबीपी के जवानों ने सूरज को जमकर पीटा। दोस्तों से जानकारी मिलने के बाद जब परिजन आइटीबीपी कार्यालय पहुंचे तो वहां पर उन्हें बताया गया कि सूरज ने कोई नशीली गोली खा ली थी जिसके बाद वह पागल हो गया। कपड़े छोड़कर वह जंगल की ओर भाग गया। जिसके बाद सूरज के बड़े भाई गोङ्क्षवद ने लालकुआं में सूरज की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। 18 अगस्त की शाम को सूरज का शव आइटीबीपी परिसर में झाडिय़ों के पास मिला था। शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी। 

एसएसपी नैनीताल पहुंचे आइटीबीपी परिसर 
एसएसपी नैनीताल सुनील कुमार मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने आइटीबीपी जवानों से पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने हत्याकांड की जांच को लेकर मातहत अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।

सुधीर कुमार को सौंपी सूरज हत्याकांड की जांच
सूरज हत्याकांड को लेकर पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। सोशल मीडिया में कोतवाली पुलिस तथा आइटीबीपी अधिकारियों की जान-पहचान को लेकर जांच प्रभावित होने की अटकलों को देखते हुए हाल में जनपद में आए इंसपेक्टर सुधीर कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया है। वह इससे पहले ऊधमसिंह नगर में तैनात थे। एसएसपी ने बताया कि पुलिस इमानदारी व पारदर्शिता के साथ जांच कर रही है। जल्द मामले का खुलासा हो जाएगा। 

आइटीबीपी देगी पुलिस जांच में पूरा सहयोग : कमांडेंट
आइटीबीपी के कमांडेंट मुकेश यादव ने कहा कि सूरज के गायब होने के तत्काल बाद पुलिस को सूचना दे दी गई थी। उन्होने कहा सूरज की मौत पर उन्हें भी दु:ख है। आइटीबीपी पुलिस की जांच में पूरी तरह से सहयोग करेगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट
नानकमत्ता से आइटीबीपी में भर्ती होने आए सूरज की मौत से हर कोई दु:खी है। उसके एक मित्र ने सोशल मीडिया पर मार्मिक पोस्ट अपलोड किया है। जिसमें उसने सूरज के परिजनों व मित्रों को इस घटना का वृतांत बताने का प्रयास किया है। हालांकि पोस्ट में कुछ ऐसे आरोप लगाए गए हैं जिसे हर कोई सिरे से नकार रहा है। 

Posted By: Skand Shukla

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