जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : आर्य समाज प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश का कहना है कि उत्तराखंड को शराब मुक्त करने का सही समय आ गया है। भाजपा सरकार को अपने चुनावी घोषणापत्र और संविधान की धारा-47 के अनुरूप राज्य में पूर्ण शराबबंदी करनी चाहिए।

आठ दिन के कुमाऊं भ्रमण के बाद मंगलवार को हल्द्वानी पहुंचे स्वामी अग्निवेश मीडिया से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तराखंड में मातृशक्ति शराब के विरोध में आंदोलित है। शराब पीना छोड़ दो, शराब की बोतल फोड़ दो, शराब के ठेके तोड़ दो जैसे नारे को साकार करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं भ्रमण के दौरान मैंने कई स्कूलों में जाकर बच्चों से सीएम त्रिवेंद्र रावत के नाम शराबबंदी के लिए पत्र लिखने का आह्वान किया है। उत्तराखंड में खनन और शराब माफिया हुकूमत करते रहे हैं। इसीलिए शराबबंदी का साहस नहीं दिखाया जाता और राजस्व हानि का गलत तर्क दिया जाता है। जबकि कई शोध में पता चला है कि शराब से मिलने वाला राजस्व सड़क दुर्घटना, स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च से कम है। गुजरात और बिहार ने शराबबंदी के बाद तरक्की की है। स्वामी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भाजपा शासित राज्यों में शराबबंदी लागू करने की अपील करूंगा।

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दलित की नई व्याख्या गढ़ें राष्ट्रपति कोविंद

हल्द्वानी : स्वामी अग्निवेश ने कहा कि व्यक्ति की पहचान गुण, कर्म और स्वभाव के आधार पर होनी चाहिए। दलित और दूसरे जातिगत समीकरणों को भूलकर वैदिक धर्म की मान्यता के अनुसार चलना होगा। बोले कि रामनाथ कोविंद ने देश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। नई जिम्मेदारी के साथ उन्हें दलित की नई व्याख्या गढ़नी चाहिए। उच्च पदों पर पहुंचने और अच्छी आर्थिक स्थिति होने के बाद व्यक्ति को दलित के नाम पर मिलने वाले आरक्षण कोटे और अन्य सुविधाओं का परित्याग करना चाहिए। बदलाव की यह नई शुरुआत होगी।

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मजदूरों की लड़ाई लड़ेगा बंधुवा मुक्ति मोर्चा

हल्द्वानी : स्वामी अग्निवेश ने कहा कि जीडीपी में 65 फीसद योगदान देने के बाद भी भारत में मजदूर वर्ग उपेक्षित है। उसे न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिलती। बंधुवा मुक्ति मोर्चा के माध्यम से ऐसे लोगों की लड़ाई लड़ी जाएगी। बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले में मोर्च का गठन कर दिया है।

Posted By: Jagran