जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सैनिटाइजर के इस्तेमाल की सलाह है। इसके बावजूद शहर में नामी कंपनियों के नाम का नकली सैनिटाइजर लंबे समय से बिक रहा है। यही नहीं, नामी मेडिकल स्टोर भी स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए ऐसे प्रोडक्ट बेचने में पीछे नहीं हैं। हकीकत बाट माप विभाग के निरीक्षण में सामने आई है। इसके लिए शहर के तीन मेडिकल स्टोरों पर 10-10 हजार रुपये और दो कंपनियों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।

बाट माप विभाग की वरिष्ठ निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि हिमाचल में एक ब्रांडेड कंपनी है। उस कंपनी के नाम पर सैनिटाइजर हल्द्वानी के अधिकांश मेडिकल स्टोरों में बिक रहा है। जब इस कंपनी के सैनिटाइजर के बोतल पर कस्टमेयर नंबर केयर व ई-मेल आइडी देखी तो नहीं मिला। शक होने पर हिमाचल में कंपनी का एड्रेस चेक किया गया। उस कंपनी को प्रोडक्ट की डिटेल उपलब्ध कराई गई तो कंपनी ने अपना प्रोडेक्ट होने से इन्कार कर दिया। साथ ही अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया और उसकी प्रति हमें भी भेजी। भंडारी का कहना है कि अब इस तरह के प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी के अलावा हम लोग भी पता लगा रहे हैं। उस पर कार्रवाई होगी।

दो मेडिकल स्टोर ने जमा किया जुर्माना, तीसरा मुकरा

वरिष्ठ निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि इस तरह के प्रोडक्ट बेचने पर बागनाथ व रिद्धि मेडिकल स्टोर को नोटिस दिया था। इन दोनों ने 10-10 हजार रुपये जुर्माना जमा कर दिया है। अभी बालाजी स्टोर ने जमा नहीं किया है। इस फर्म संचालक का कहना है कि जिस कंपनी ने हमें प्रोडक्ट दिया है, जुर्माना भी वही भरेगा।

देहरादून में कंपनी, निर्माता में हरियाणा सोनीपत का नाम

देहरादून की कंपनी है, जिसका सैनिटाइजर पूरे प्रदेश में है। उस प्रोडक्ट में भी कस्टमर केयर नंबर व ई-मेल आइडी नहीं थी। उसमें निर्माण सोनीपत हरियाणा लिखा था। जब वहां पता लगाया गया तो उस नाम से कोई भी निर्माता नहीं मिला। कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। चर्चा है कि कंपनी संचालक मामले को रफा-दफा करने में जुटा हुआ है। वहीं, रामनगर की एक कंपनी ने भी कस्टमर केयर नहीं लिखा था। उसने गलती मानी और 50 हजार रुपये जुर्माना जमा कर दिया है।

2500 का डिब्बा 750 में बेचा

नामी कंपनी के पांच लीटर के सैनिटाइजर के केन पर एमआरपी 2500 रुपये लिखा है। जबकि इसी कंपनी के नाम से बिक रही फर्जी बोतल पर भी रेट 2500 ही लिखा है, लेकिन डीलर ने मेडिकल स्टोरों को यह केन 750 रुपये में दे दिया। कुछ मेडिकल स्टोर संचालक भी अधिक मुनाफे के लालच में इस तरह के प्रोडक्ट को खुलकर बेचने लगे हैं।

कहीं बीमार न करे नकली सैनिटाइजर

शांति भंडारी ने बताया कि पता नहीं नकली सैनिटाइजर में कौन सा केमिकल मिलाया जा रहा है। यह सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ग्राहकों को भी प्रोडक्ट खरीदते समय कस्टमयर केयर और ई-मेल आइडी अवश्य देखनी चाहिए।