रुद्रपुर, जेएनएन : स्पेशल जज पॉक्सो विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 45 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि 16 फरवरी 2016 को एक महिला ने ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा था कि वह अपने तीन बच्चों को घर में छोड़कर काम पर गई थी। शाम को घर लौटी तो उसकी 12 वर्षीय पुत्री गायब थी।

खोजबीन के दौरान पता चला कि पड़ोस में रहने वाली सुनीता और जय प्रकाश उसकी पुत्री को अपने साथ ले गए हैं। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी थी। 25 फरवरी 2016 को पुलिस ने सुनीता को अमरिया, पीलीभीत से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसके कब्जे से किशोरी को भी बरामद कर लिया। पूछताछ में मासूम ने बताया कि आरोपित उसे देहरादून ले गए, जहां सुनीता के पुत्र वीनू पुत्र बाबूराम निवासी भगवंतपुर, बरेली ने उससे कई दिनों तक दुष्कर्म किया। सुनीता वहां से उसे लेकर पीलीभीत जा रही थी तो पुलिस ने पकड़ लिया। मासूम किशोरी के बयानों के आधार पर पुलिस ने वीनू को दो जून 2016 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभियोजन ने मामले में छह गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद स्पेशल जज पॉक्सो विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने आरोपित वीनू को दुष्कर्म का दोषी पाया। इस पर उसे 10 साल कारावास और 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

नाबालिग रिश्तेदार से दुष्कर्म करने वाले को दस साल की सजा

पिथौरागढ़ : अपने एक नाबालिग रिश्तेदार का बहला फुसला कर दुष्कर्म करने वाले को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दस साल की सजा और पच्चीस हजार रु पये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार जजुराली गांव निवासी शादीशुदा दीपक कुमार पिथौरागढ़ में अपनी नानी के साथ रह कर पढऩे वाली नाबालिग को 25 फरवरी 2018 को बहला फुसला कर झूलाघाट के रास्ते नेपाल के बैतड़ी ले गया। बैतड़ी में होटल का कमरा लेकर छह सात दिन रहा। इस दौरान वह नाबालिग के साथ दुष्कर्म करता रहा। नेपाल से लौटने के बाद वह उसे अपने साथ बेंगलूरु ले गया, जहां नाबालिग को अपने साथ दो माह रखा। इस दौरान नाबालिग गर्भवती हो गई थी।  नाबालिग की नानी और मुंबई में नौकरी करने वाली मां और भाई ने भी उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दीपक पर शक जताया था।

दो माह बाद दीपक कुमार नाबालिग को लेकर गंगोलीहाट लौटा। पुलिस को इसकी भनक लगी तो पुलिस ने नाबालिग को दीपक के पास से बरामद किया। डीएनए जांच में अभियुक्त का होने की पुष्टि हुई। शुक्रवार को अभियुक्त को दोषी करार देते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी ने अभियुक्त को पॉस्को अधिनियम के तहत दस साल की सजा और 25 हजार रु पये के अर्थदंड, धारा 363 के तहत पांच साल की सजा और पांच हजार रु पये के अर्थदंड, धारा 366 के तहत भी पांच साल की सजा और पांच हजार रु पये के अर्थदंड से दंडित किया है। सभी धाराएं एक साथ चलेंगी।

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Posted By: Skand Shukla

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