जागरण संवाददाता, हरिद्वार: आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकत्र्ताओं ने गुरुवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ चंद्राचार्य चौक पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की।

प्रदेश प्रवक्ता हेमा भंडारी ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर त्यागपत्र देकर जांच में सहयोग करना चाहिए। राज्य गठन के बाद यह पहला मामला है, जब पद पर रहते हुए किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ न्यायालय ने सीबीआइ जांच के आदेश दिए हैं। पूर्व विधानसभा प्रभारी अनिल सती ने कहा कि सीबीआइ जांच के डर से सरकार के सर्वोच्च न्यायालय जाने से स्पष्ट है कि मामला बेहद गंभीर है। यदि मुख्यमंत्री को लगता है कि उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप निराधार हैं तो फिर उन्हें सीबीआइ जांच का सामना कर पूरा सहयोग करना चाहिए, लेकिन सरकार पूरे प्रकरण की लीपापोती में लग गयी है। जीरो टालरेंस की बात करने वाली त्रिवेंद्र रावत सरकार अपना नैतिक आधार खो चुकी है। सत्ताधारी दल के विधायक भी भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री त्यागपत्र नहीं देते हैं तो आप कार्यकत्र्ता लगातार सड़कों पर उतरकर मामले को जनता के बीच ले जाने का काम करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में पवन कुमार, अर्जुन सिंह, राकेश लोहट, एडवोकेट सचिन बेदी, संजू नारंग, ममता सिंह, गीता देवी, राकेश यादव, प्रवीण कुमार, सुरेश कुमार, शाह अब्बास आदि मौजूद रहे।

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