जागरण संवाददाता, हरिद्वार। योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि जल्द ही भारत विश्व गुरु बन दुनिया का नेतृत्व करेगा। कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन एक दिन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों योग व आयुर्वेद को स्वीकार करेंगे। पूंजीवाद और साम्प्रदायिकता का अंत होगा तथा सात्विकता, अहिंसा व आध्यात्मिकता का राज पूरी दुनिया में होगा।

शनिवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पतंजलि योगपीठ के योग भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते योग गुरु ने कहा कि पतंजलि के माध्यम से शिक्षा, संस्कार, चिकित्सा, कृषि, अनुसंधान आदि विविध क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले दस वर्ष में लक्ष्य है कि पतंजलि गुरुकुलम तथा पतंजलि विश्वविद्यालय में एक लाख विद्यार्थियों अध्ययन कर सकें।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विडंबना है कि आज पतंजलि योगपीठ दुनिया के लिए ऊर्जा, दृष्टि व आध्यात्मिकता का केंद्र बन गया है। समारोह में प्रो. महावीर अग्रवाल, साध्वी देवप्रिया, स्वामी परमार्थ देव, डा. एनपी ङ्क्षसह, एनसी शर्मा, बहन ऋतंभरा, ललित मोहन, बहन अंशुल, एसके तिजारावाला सहित पतंजलि वैदिक गुरुकुलम, पतंजलि वैदिक कन्या गुरुकुलम, पतंजलि गुरुकुलम देवप्रयाग, पतंजलि गुरुकुलम योगग्राम, पतंजलि बाल गुरुकुलम तथा पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

यह भी पढ़ें- Kanwar Yatra 2021: इस साल कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित, ऋषिकेश में जबरन घुसने वाले कांवड़िए होंगे क्वारंटाइन

Edited By: Raksha Panthri