जागरण संवाददाता, रुड़की। संवाद सहयोगी, रुड़की। सिविल अस्पताल में रुड़की में ऑक्सीजन सिलिंडरों को भरवाने के लिए प्रतिदिन लग रही दौड़ अब खत्म होगी। सिविल अस्पताल रुड़की में सोमवार से ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण का शुरू हो गया है। तीन सप्ताह के भीतर ऑक्सीजन प्लांट तैयार होना है। इसके बाद अस्पताल अपने मरीजों के लिए स्वयं ऑक्सीजन तैयार करने वाला क्षेत्र का पहला अस्पताल बन जाएगा।

कोरोना संक्रमित मरीजों को सांस की सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। शरीर में ऑक्सीजन कम होने के चलते मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। अस्पतालों में भी मरीजों की तदाद को देखते हुए ऑक्सीजन के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। मरीजों को ऑक्सीजन वाले बैड तक नहीं मिल पा रहे हैं। इसके लिए मरीज इधर-उधर अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी के चलते कई मरीज अपनी जान तक गवां चुके हैं। 

सिविल अस्पताल रुड़की में 40 बैड का कोविड वार्ड बनाया गया है। इन मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए अस्पताल में 68 सिलिंडर हैं। मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न पड़ सके। इसके लिए अस्पताल से प्रतिदिन तीन-चार गाड़ियां ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए बीएचइएल की दौड़ लगा रही हैं। 24 घंटे के भीतर ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए कम से कम सात से आठ फेरे लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब यह समस्या दूर होने जा रही है।

सिविल अस्पताल रुड़की में भारत सरकार की ओर से ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। मंगलवार को इस प्लांट के लिए काम शुरू हो गया है। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि मरीजों से इससे बहुत बड़ी राहत मिलेगी। ऑक्सीजन के लिए लगाई जा रही दौड़ खत्म हो जाएगी। तीन सप्ताह के भीतर ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो जाएगा। इस दौरान डॉ. मनीष दत्त, नेशनल ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के टीम लीडर सत्यभान सिंह एवं विकास कुमार आदि मौजूद रहे।

500 एलपीएम होगी प्लांट रुड़की

सिविल अस्पताल रुड़की के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल में लगाया जा रहा ऑक्सीजन प्लांट 500 लीटर प्रति मिनट होगी। उन्होंने बताया कि 24 घंटे के भीतर 250 से अधिक सिलिंडरों को रिफिल किया जा सकेगा। प्लांट में अस्पताल के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। यही नहीं जरूरत पड़ने पर अन्य अस्पतालों को भी इससे ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल कर दिये जा सकेंगे। 

इसी सप्ताह तैयार हो जाएगा स्ट्रैक्चर

नेशनल ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के टीम लीडर सत्यभान सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट का स्ट्रैक्चर इसी सप्ताह तैयार हो जाएगा। इसके बाद इंस्टोलेशन का काम रह जाएगा। इंस्टोलेशन का काम पूरा होने पर ऑक्सीजन सप्लाई शुरू हो जाएगी। बहुत तेजी से यह सभी कार्य करने के निर्देश दिये गए हैं।

देशभर में पहले चरण में मंजूर हुए हैं 75 ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना महामारी में ऑक्सीजन गैस की किल्लत को देखते हुए भारत सरकार ने 500 ऑक्सीजन प्लांट के लिए मंजूरी दी है। पहले चरण में 75 प्लांट बनाए जा रहे हैं। इन पर काम शुरू हो गया है। इन 75 ऑक्सीजन प्लांट में सिविल अस्पताल रुड़की का भी एक प्लांट शामिल हैं। प्लांट बहुत जल्द बनकर तैयार होगा।

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