जागरण संवाददाता, हरिद्वार : अखिल भारतीय गोरखा महासभा कल्याणकारी समिति की ओर से देवपुरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ में आयोजित तीज महोत्सव में मादल (पारंपरिक वाद्य यंत्र) की थाप पर महिलाएं जमकर झूमीं। बड़ी संख्या में गोरखा समुदाय के लोग उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित महिलाओं ने देर शाम तक चले कार्यक्रम में तीज से संबंधित गीत गाए और नाच किया।

अध्यक्ष नारायण प्रसाद शर्मा ने तीज पर्व के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें सभी त्योहार मिलजुलकर मनाने चाहिए। इससे समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ता है। तीज एक धार्मिक और पवित्र त्योहार है। जिसमें महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और जन्म जन्मांतर पति के साथ अपना परस्पर गहरा और अटूट वैवाहिक संबंध के लिए निर्जला व्रत रखती है। तीज विक्रती संवत भाद्र पद शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन मनाया जाता है। इस बार हरितालिका तीज 12 सितंबर को मनाई जा रही है। तीज पारंपरिक रूप में देवी पार्वती संग भगवान शिव के पवित्र बंधन को याद करके उनको समर्पित पर्व है। तीन दिन चलने वाला लंबा अनुष्ठान है। जिसमें महिलाएं कठोर व्रत के साथ-साथ स्वादिष्ट और पारंपरिक भोजन ग्रहण करके संपन्न करती है। प्रत्येक वर्ष आने वाला यह पर्व गोरखाओं की सांस्कृतिक धरोहर और पहचान है। साथ ही, गोरखा जाति की एकता को मजबूत मंच देने वाला उत्सव है। महामंत्री मनीष राठौर ने उपस्थित लोगों को तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पर्व की धार्मिक भावना और मान्यताओं में कोई कमी नहीं आने देनी चाहिए। कार्यक्रम में हरिद्वार, ज्वालापुर, भेल, शिवालिक नगर, बहादराबाद, देहरादून, रायवाला, रुड़की, चीला क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित रहे। समारोह में अनुराधा, वंदना शर्मा, विमला देवी, राधा राणा, तंजना ठाकुर, शेर ¨सह बिष्ट, विनीता थापा, अनिता गुरुंग, चंद्रकला बिष्ट, पूनम, मीनू आले, वंदन शर्मा, शमशेर बहादुर बम, जय बहादुर थापा, डीपी राणा, राधा राणा, हीरा लाल, पद्म प्रसाद सुवेदी आदि मौजूद रहे।

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