जागरण संवाददाता, रुड़की: जल संस्थान उपभोक्ताओं को पानी की आपूर्ति करने के साथ ही अब उन्हें पानी की बर्बादी रोकने और उसका उचित इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करेगा। इसके लिए विभाग अपनी संपत्तियों पर पानी बचाने से जुड़े स्लोगन लिखेगा।

जल है तो कल है, पानी कुदरत का अनमोल उपहार आदि जागरुकता भरे स्लोगन शहर में जगह-जगह देखने को मिलेंगे। जल्द ही विभाग अपने नलकूप, पंप हाउस, विभागीय भंडार, संग्रह केंद्र आदि पर जल बचाव से संबंधित स्लोगन चस्पा करेगा। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को पानी का महत्व समझाया जाए और पानी की बर्बादी करने से उन्हें रोका जा सके। क्योंकि अक्सर देखने में आता है कि कई लोग पानी की टंकी भरने के बाद पर भी स्विच बंद नहीं करते। जिससे प्रतिदिन सड़कों हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। वहीं अपने घरों के आसपास लीकेज होने पर भी कुछ लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं और विभाग को सूचित नहीं करते हैं। जिससे काफी पानी व्यर्थ होता है। ऐसे में शहर में जगह-जगह लगे ये स्लोगन लोगों को सचेत करने का कार्य करेंगे। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता हिमांशु त्यागी ने बताया कि महाप्रबंधक की ओर से जल बचाव को लेकर शहरवासियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में विभागीय संपत्तियों पर पानी की बर्बादी को रोकने और पानी का उचित इस्तेमाल करने को लेकर स्लोगन लिखे जाएंगे। जिससे कि लोग जागरूक हो सकें।

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