हरिद्वार, जेएनएन। उत्तरप्रदेश सिंचाई विभाग ने दीपावली की रात बारह बजे गंगनहर में पानी छोड़ा। हरकी पैड़ी पर पर्याप्त पानी पहुंचने से घाटों की रौनक बढ़ गई। सोमवती अमावस्या पर स्नान को आए श्रद्धालुओं को इससे सहूलियत रही। अन्य घाटों पर भी पिछले कुछ दिनों से छाई वीरानी दूर हुई है। 

मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते उत्तरप्रदेश सिंचाई विभाग हर साल दशहरे की रात से गंगनहर में पानी को रोक देता है। इस साल समय से आदेश न पहुंचने के चलते एक दिन विलंब से यानि नौ अक्टूबर की रात 12 बजे गंगनहर में पानी रोका गया था। 18 दिन के बाद दिवाली की रात 12 बजे गंगनहर में पानी छोड़ा गया। सोमवार सुबह तक घाटों पर पर्याप्त पानी पहुंच गया। 

हरकी पैड़ी और आसपास गंगा घाटों पर पर्याप्त जल से सोमवती अमावस्या स्नान को आए श्रद्धालुओं को खासी सहूलियत हुई। इधर नहर में पानी आने से छठ व्रतियों को भी सहूलियत होगी। सूर्य उपासना का महापर्व छठ दो नवंबर को है। छठ व्रती नहर किनारे जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर देव को अर्घ्य देंगे। इसके अलगे दिन उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूजा का समापन होगा। 

इधर, गंगनहर में पानी आने से खेतों की भी प्यास बुझेगी। दिल्ली आदि प्रदेशों को पर्याप्त पेयजल भी मिलेगा। उत्तरप्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ विक्रांत कुमार सैनी ने बताया कि गंगनहर में रविवार रात 12 बजे पानी छोड़ दिया गया है। धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ रहा है। बताया कि मरम्मत कार्य के चलते नौ अक्टूबर रात से नहर में पानी रोका गया था। 

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Posted By: Raksha Panthari

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