संवाद सूत्र, लक्सर: लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। रामसहायवाला गांव के समीप पहले से क्षतिग्रस्त तटबंध के रास्ते गंगा का पानी कृषि भूमि की ओर बढ़ रहा है। इससे क्षेत्र में पांच हजार बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। प्रशासन की ओर से बारिश की चेतावनी को लेकर तटीय इलाकों में पहले ही अलर्ट जारी किया है।

पिछले चार दिनों से पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। रविवार को गंगा का जलस्तर 291 मीटर को पार कर गया। हालांकि यह खतरे के निशान 294 मीटर से कम है। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन की ओर से गंगा व सोलानी से सटे गांवों में पहले ही अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर स्थित बिजनौर जनपद के रामसहायवाला गांव के समीप गंगा पर बना तटबंध पिछले साल बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया था। क्षतिग्रस्त तटबंध के रास्ते यहां गंगा का पानी कृषि भूमि में घुस रहा है। अभी तक करीब पांच हजार बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। कृषि भूमि पर जलभराव होने से यहां पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या पैदा हो गई है। रामसहायवाला गांव के ग्राम प्रधान श्याम लाल ने बताया कि कृषि भूमि पर करीब तीन फीट जलभराव हुआ है। इससे गांव का संपर्क बिजनौर व लक्सर तहसील से टूट गया है।

Posted By: Jagran

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