हरिद्वार में विनायक हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप
हरिद्वार के विनायक हॉस्पिटल में 55 वर्षीय महिला निर्मला की इलाज के दौरान मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, रोशनाबाद। भाईचारा चौराहे के निकट स्थित विनायक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक 55 वर्षीय महिला निर्मला की मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।उनका कहना था कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने की व्यवस्था नहीं की गई,बल्कि ई-रिक्शा से अन्यत्र ले जाया गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मृतका की बेटी अंजलि ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मां के साथ लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी जान चली गई।
दिया था दो दिन में ठीक करने का भरोसा
अंजलि के अनुसार, उनकी मां को हल्की ब्लीडिंग की शिकायत के बाद विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने दो दिन में ठीक करने का भरोसा दिया था, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी उन्हें सैंपल और जांच रिपोर्ट के नाम पर इंतजार कराया जाता रहा।
आरोप है कि बार-बार छुट्टी देने की मांग करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने महिला को डिस्चार्ज नहीं किया।आरोपों के अनुसार,महिला का विनायक हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि गंभीर स्थिति होने के बावजूद समय पर उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही बरती गई।महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान एंबुलेंस उपलब्ध कराने के बजाय ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा।
परिजनों ने आशंका जताई कि समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलती तो महिला की जान बच सकती थी।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसी दौरान पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप भी लगाया। घटना को लेकर मौके पर तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर हालात को संभाला।
घटना के बाद अस्पताल में महिला के उपचार, उसकी हालत बिगड़ने के कारणों, एंबुलेंस उपलब्ध कराने में कथित लापरवाही और पुलिस पर लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन का पक्ष, पुलिस का आधिकारिक बयान और मामले में किसी जांच अथवा कानूनी कार्रवाई की पुष्टि होना बाकी है।
