संवाद सूत्र, लक्सर : पत्नी और उसके गर्भ में पल रहे शिशु की गैर इरादतन हत्या के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायधीश नीलम रात्रा ने दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। प्रकरण में आरोपित के भाई और मां के खिलाफ मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल ने बताया कि लक्सर कोतवाली के केहड़ा गांव निवासी अरूणा की शादी खानपुर थानाक्षेत्र के माड़ाबेला गांव निवासी ओकेश के साथ हुई थी। 2016 में अरूणा गर्भवती थी। इस दौरान ओकेश ने उसके साथ दहेज को लेकर मारपीट की थी। अरूणा को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। अरूणा के पिता साधुराम की ओर से आरोपित ओकेश, उसकी मां मांगी और भाई राकेश के खिलाफ दहेज हत्या और गर्भ में पल रहे शिशु की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के दौरान मांगी और राकेश के नाम आरोपितों से हटा दिए थे। जबकि ओकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मामला अपर जिला जज कोर्ट में विचाराधीन था। सुनवाई पूरी करने के बाद अपर सत्र न्यायधीश नीलम रात्रा ने ओकेश को गर्भवती महिला की गैर इरादतन हत्या और दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने पर दस वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा महिला के गर्भ में पल रहे शिशु की गैर इरादतन हत्या में भी अभियुक्त को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। शासकीय अधिवक्ता भूपेश्वर ठकराल ने बताया कि मामले में पुलिस विवेचना में मांगी और राकेश का नाम मुकदमे से हटाने के खिलाफ साधुराम की ओर से कोर्ट में अपील की गई थी। इस मामले में अलग से सुनवाई अभी चल रही है।

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