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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नकली नोट छापने वाले अंतरराज्जयीय गिरोह के दो लोग गिरफ्तार

By JagranEdited By:
Published: Thu, 24 Mar 2022 05:47 PM (IST)

खानपुर पुलिस ने चेकिग के दौरान नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो लोग गिरफ्तार किए हैं। दोनों लोग ...और पढ़ें

नकली नोट छापने वाले अंतरराज्जयीय गिरोह के दो लोग गिरफ्तार
नकली नोट छापने वाले अंतरराज्जयीय गिरोह के दो लोग गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, रुड़की: खानपुर पुलिस ने चेकिग के दौरान नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो लोग गिरफ्तार किए हैं। दोनों लोग 50 हजार के नकली नोटों की खेप कार से लेकर जा रहे थे। पुलिस पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर रही है।

गुरुवार को रुड़की स्थित एसपी देहात कार्यालय में प्रेस वार्ता में एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि खानपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग क्षेत्र में दुकानों पर सामान खरीदने के बहाने से नकली नोट खपा रहे हैं। पुलिस इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही थी। इसी बीच बुधवार देर शाम खानपुर थाना प्रभारी संजीव थपलियाल पुलिस टीम के साथ उप्र के बार्डर पर दल्लावाला गांव के समीप चेकिग कर रहे थे। पुलिस टीम ने एक क्वीड कार को रोक लिया। तलाशी लेने पर कार से 50 हजार की रकम मिली। सभी नोट सौ-सौ के थे। जांच करने पर पता चला कि सभी नोट नकली हैं। इसके चलते पुलिस दोनों को थाने ले आई। एसपी देहात ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों के नाम कुर्बान उर्फ लालू निवासी सलेमपुर, थाना रानीपुर, हरिद्वार और मनोज निवासी झिझाना, जिला शामली, उत्तर प्रदेश है। पूछताछ मे कुर्बान ने बताया कि वह घर पर ही कंप्यूटर और प्रिटर के जरिये नकली नोट छापता है। अपने साथी मनोज के साथ वह नकली नोट दुकानों पर चलाते हैं। पुलिस ने कुर्बान के घर से प्रिटर, पेपर शीट, स्कैनर, पेपर कटर, स्केल बरामद किया है। साथ ही कार को सीज कर दिया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। एसपी देहात ने बताया कि आरोपित नकली नोटों की खेप उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के अलावा उप्र के बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर आदि जिलों में चलाते थे।

परचून और शराब की दुकानों पर चलाते थे नोट: एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों ने बताया है कि वह नकली नोट परचून, शराब की दुकान और ढाबों पर चलाते थे। नकली नोट हूबहू असली जैसे हैं। इसलिए इन जगहों पर नोट चलाने से किसी को शक भी नहीं होता था। लेकिन, किसी तरह से पुलिस को इसकी भनक लग गई।

शक न हो इसलिए छापते थे छोटे नोट

आरोपित पिछले काफी समय से नकली नोट छाप रहे थे। किसी को शक न हो, इसलिए 100 और 50 के नकली नोट छापते थे। 50 और 100 के नोटों पर कोई अधिक ध्यान नहीं देता था। इसलिए इन्होंने बड़े नोट छापने का जोखिम नहीं उठाया। कुर्बान अपने घर पर नकली नोट छापता था, जबकि इसका साथी मनोज दुकानों पर नकली नोट चलाता था। कुर्बान ने नकली नोट छापने कहां से सीखे, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

बाजार में खपा चुके हैं लाखों के नोट

पुलिस को आशंका है कि आरोपित लाखों रुपये के नकली नोट बाजार में खपा चुके हैं। पुलिस इसकी गहनता से जांच कर रही है। नकली नोट पकड़े जाने के बाद आइबी की टीम भी सक्रिय हुई है और आरोपितों से पूछताछ की है। एसपी देहात ने बताया कि उप्र से उत्तराखंड तक संचालित नकली नोट के इस नेटवर्क की जड़ें खंगाली जा रही हैं। इनके संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों को चिह्नित किया जा रहा है।