संवाद सहयोगी, हरिद्वार: रामायण में तो राम-लक्ष्मण दो सगे भाई थे ही, लेकिन रामलीला के मंच पर राम-लक्ष्मण के रोल में भी एक साथ दो जुड़वा भाई आ गए हैं, जो एक साथ राम और लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। यही नहीं दोनों की भगवान श्रीराम के प्रति कितनी आस्था है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों रामलीला में अभिनय करने के बाद जमीन पर सोते हैं। यह रामलीला धर्मनगरी के विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

ज्वालापुर की लक्कड़हारान मोहल्ला में 113 साल से रामलीला का मंचन चल रहा है। रामलीला के मंच पर जब दो जुड़वा भाई एक साथ राम और लक्ष्मण का अभिनय करने के लिए पहुंचते हैं तो पंडाल का माहौल उत्साह के रूप में बदल जाता है। ये जुड़वा हैं ज्वालापुर के शिवांकर और दीपांकर। जिसमें शिवांकर राम और दीपांकर लक्ष्मण का रोल निभा रहें हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ज्वालापुर के समाजसेवी ब्रजमोहन चक्रपाणी के दोनों पुत्र बचपन से ही रामलीला के मंचन से जुड़े रहे हैं। उनके दादा परशुराम चक्रपाणी भी रामलीला कराने में अपना सहयोग देते रहे हैं, उनके सहयोग को देखते हुए उन्हें भी रामलीला गुरू की उपाधि से अलंकृत किया जा चुका है। अब यह दोनों जुड़वा भाई भी पिछले तीन साल से राम-लक्ष्मण का रोल करते आ रहे हैं, इससे पहले वह भरत और शत्रुघ्न का किरदार किया करते थे, लेकिन अब राम-लक्ष्मण की भूमिका करने से कई बार लोग उन्हें वास्तविक जीवन भी राम लक्ष्मण के नाम से पुकारते हैं। दोनों भाइयों ने बताया कि राम-लक्ष्मण का किरदार निभाने के दौरान उन्हें अंर्तमन से बहुत सुखद महसूस होता है। बताया कि वह जितने भी दिन रामलीला का किरदार करते हैं, उतने ही दिन वह बाहर का खाना नहीं खाते हैं और जमीन पर सोते हैं। भाई सिद्धार्थ चक्रपाणि ने बताया कि उनके दोनों छोटे भाइयों की शादी एक ही दिन हुई थी। दोनों भाई पतंजलि का मेगा स्टोर एक साथ संचालित करते हैं।

Posted By: Jagran

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