संवाद सहयोगी, हरिद्वार: केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि हरिद्वार या किसी अन्य मैदानी क्षेत्र में उच्च न्यायालय की सर्किट बेंच बननी चाहिए। उन्होंने अधिवक्ता को न्यायपालिका की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए वादकारियों को सस्ता, शीध्र और सुलभ न्याय दिलाने की भी बात कही। इसके साथ ही उन्होंने उप्र और उत्तराखंड के बीच अब तक संपत्ति बंटवारा नहीं होने पर चिता जताई। कहा कि केंद्रीय स्तर पर दोनों राज्यों के संबंधित मंत्रियों को बैठाकर विवादित संपत्तियों का बंटवारा कराना चाहिए।

केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने शुक्रवार को हरिद्वार में अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथिगृह में जिला जज हरिद्वार और अन्य न्यायाधीश, अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। इससे पहले केंद्रीय कानून मंत्री बघेल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष /जनपद न्यायाधीश विवेक भारती शर्मा शर्मा,सचिव/न्यायाधीश अभय सिंह व पैनल अधिवक्तागण के साथ वार्ता की। उन्होंने हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने के साथ ही संध्याकालीन गंगा आरती भी की।

बैठक में जिला जज विवेक भारती शर्मा ने उन्हें अदालत की कार्य प्रणाली, व्यवस्था व सुधार के लिए विषय में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि मोदी सरकार ने पहली बार सबसे ज्यादा जजों की तैनाती की है। इस दौरान अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कामर्शियल ट्रिब्यूनल कोर्ट, फूड सेफ्टी कोर्ट मांग की। बैठक में एसएसपी डा. योगेंद्र रावत, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलवंत सिंह चौहान, बार काउंसिल आफ उत्तराखंड के सदस्य राजकुमार चौहान, पूर्व उपभोक्ता आयोग सदस्य प्रदीप पालीवाल, डीजीसी सिविल संजीव कौशल, डीजीसी क्रिमिनल इंद्रपाल बेदी, डीजीसी रेवेन्यू विजयपाल सिंह, एडीजीसी कुशलपाल सिंह चौहान, नितिन कुमार, रमन सैनी भी शामिल रहे।

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