2006 का निठारी कांड... मिले थे कई बच्चों के कंकाल, सुबूतों के अभाव में बरी हो गया था सुरेंद्र कोली
2006 के निठारी कांड में नोएडा से लापता बच्चों के कंकाल मिले थे, जिसमें सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर आरोपी थे।


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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। दिसंबर 2006 में नोएडा के निठारी गांव में पंधेर की कोठी के पास नाले से आसपास से लापता हुए कई बच्चों के कंकाल और अवशेष बरामद हुए थे।
यह माना गया था कि बिजनेसमैन मनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली ने अपहरण कर बच्चों की हत्या की है। दोनों पर बच्चों के साथ अमानवीय कृत्य और उनका मांस भक्षण जैसे आरोप भी लगे थे।
फॉरेंसिक सुबूतों के अभाव में बरी हो गया था कोली
इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और आरोपितों को फांसी की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतरे थे। कांड का मुख्य आरोपित सुरेंद्र कोली निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासेड़ अल्मोड़ा था। जो नोएडा के सेक्टर-31 स्थित व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंधेर का घरेलू नौकर था।
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सनसनीखेज मामले में हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने के गंभीर आरोप लगे थे। निचली अदालतों ने सुरेंद्र कोहली को कई मामलों में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों (पुलिस और सीबीआई) की कमजोर और त्रुटिपूर्ण जांच व ठोस वैज्ञानिक व फॉरेंसिक सुबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सुरेंद्र कोली को उसके आखिरी बचे मामलों में भी बरी कर दिया। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी सबूतों की कमी के चलते कोहली और पंधेर को बरी कर दिया था।
निठारी गांव में कब-कब क्या हुआ?
- निठारी गांव में 29 दिसंबर 2006 में मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे एक नाले से 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे। मामले में मालिक मनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था।
- 11 जनवरी 2007 में सीबीआई को जांच सौंपी गई। सीबीआई की टीम निठारी गांव पहुंची और कोठी के पास से 30 और हड्डियां बरामद कीं।
- सीबीआई ने 22 मई 2007 में गाजियाबाद की अदालत में मामले में पहला चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में कोली पर दुष्कर्म, अपहरण और हत्या के आरोप लगाए गए थे।
- 13 फरवरी 2009 में निठारी में हुए एक के बाद एक 19 मर्डर में से एक रिम्पा हालदार के साथ रेप और हत्या के लिए स्पेशल कोर्ट ने पंधेर और कोली को मौत की सजा सुनाई।
- 11 सितंबर 2009 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंधेर को मौत की सजा से से बरी कर दिया।
- 20 जुलाई 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सुरेंद्र कोली की दया याचिका खारिज कर दी।
- 08 सितंबर 2014 में कोर्ट ने रात एक बजे कोली की फांसी पर रोक लगा दी, कोली की इसी दिन फांसी होनी थी।
- 24 जुलाई 2017 में कोली और पंधेर को पिंकी की हत्या और रेप के प्रयास में सीबीआई अदालत ने दोषी ठहराया। दोनों के खिलाफ हत्या के 16 मामलों में से यह 8वां मामला था, जिसमें फैसला सुनाया गया।
