संवाद सूत्र, बहादराबाद: क्षेत्र के अधिकतर स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 30 से 35 प्रतिशत ही रही। स्कूल संचालकों ने कोरोना गाइडलाइन के तहत ही कक्षाओं का संचालन किया। वहीं, कई महीनों के बाद स्कूल खुलने से छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए। कक्षा 10 की छात्रा तनिष्का ने बताया कि आज इतने दिनों के बाद स्कूल आकर काफी अच्छा लग रहा है। अपने अध्यापकों से क्लास के मित्रों से मिलकर बेहद अच्छा लग रहा है। कक्षा 12 के छात्र अभिषेक ने बताया कि वैसे तो अध्यापकों की ओर से लगातार आनलाइन क्लास चलाई जा रही थी, लेकिन स्कूल में सभी के साथ क्लास में बैठ कर ज्यादा अच्छे से पढ़ाई होती है।

मां सरस्वती स्कूल के प्रबंधक अमित चौहान ने बताया कि छात्र-छात्राओं के माता-पिता के अनुमति पत्र के साथ ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक कक्ष में केवल 15 बच्चों के बैठने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि यद्यपि शासनादेश के अनुसार दो शिफ्टों में कक्षाएं चलाई जानी है, लेकिन एक ही शिफ्ट में कोरोना नियमों का पालन करते हुए बच्चों की कक्षाएं संचालित कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल खोलने से पूर्व विद्यालय परिसर व सभी कक्षों का सैनिटाइजेशन कराया गया। साथ ही प्रवेश द्वार पर सभी बच्चों की थर्मल स्क्रीनिग भी कराई गई।

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कोरोना गाइडलाइन के साथ खुले स्कूल

संवाद सूत्र, लालढांग: लाकडाउन के बाद श्यामपुर क्षेत्र के स्कूल कोरोना गाइडलाइन के साथ खोले गए। स्कूल खुलने से पहले सभी क्लास में एवं स्कूल परिसर को सैनिटाइज किया गया। पूर्व की भांति सोमवार को छात्र-छात्राओं की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम रही।

पिछले वर्ष से ही कोरोना संक्रमण के चलते कोरोना क‌र्फ्यू लागू किया गया है। पिछले साल मार्च से लेकर सभी शिक्षण संस्थाएं बंद थी। पिछले दिनों राज्य सरकार ने 6 से 12 तक के स्कूलों को सशर्त खोलने का निर्देश दिया था, लेकिन अभिभावकों के विरोध के चलते मजबूरन सरकार को अपना आदेश वापस लेते हुए कक्षा 9 से 12 एवं 16 अगस्त से कक्षा छह तक के ऊपर की सभी कक्षाओं को खोलने का निर्देश दिया था। अब सोमवार से नौवीं से बारहवीं तक स्कूल खोल दिए गए हैं।

श्यामपुर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक अभिषेक पैन्यूली ने बताया कि कक्षाओं में शारीरिक दूरी का पालन करते हुए छात्र-छात्राओं को बैठाया गया था। हालांकि पहले दिन पूर्व की भांति स्कूल के छात्र-छात्राओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। गाजीवाली के हिमालयन माडर्न हाई स्कूल की प्रिसिपल शोभा नेगी ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से अनुमति के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाया गया था।

Edited By: Jagran