जागरण संवाददाता, रुड़की: वेतन बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगों को लेकर सीवर के कर्मचारी दूसरे दिन भी गांधी वाटिका में धरने पर बैठे रहे। वहीं धरना स्थल पर कर्मचारियों से मिलने के लिए जल संस्थान के सहायक अभियंता पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया और काम पर लौटने के लिए कहा। सहायक अभियंता के आश्वासन पर कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया और गुरुवार से वे काम पर लौटेंगे।

सीवर के कर्मचारियों ने बुधवार को भी कार्य बहिष्कार किया। उधर, कर्मचारियों के कामकाज ठप कर धरने पर बैठने की वजह से जल संस्थान की मुश्किलें बढ़ गई। क्योंकि शहर में सीवर की सफाई के लिए विभाग के पास स्थाई कर्मचारी नहीं हैं। उधर, धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि हर माह उन्हें वेतन काफी देरी से मिलता है। इस वजह से उन्हें घर का खर्चा चलाने में काफी परेशानी आती है। बताया कि अकाउंट खुला होने के बावजूद उन्हें वेतन कैश दिया जाता है। उनका पीएफ भी नहीं कटता है। कर्मचारियों ने बताया कि महीने में चार रविवार की छुट्टी की बजाए ठेकेदार तीन दिन ही छुट्टी देता है। जबकि बीमारी व अन्य जरूरी काम के कारण छुट्टी करने पर रविवार की छुट्टी को समायोजित कर दिया जाता है। उधर, जल संस्थान के सहायक अभियंता राजेश कुमार निर्वाल और अपर सहायक अभियंता जुनैद गौड़ धरना स्थल पर पहुंचे। सहायक अभियंता ने कर्मचारियों को कहा कि वे अपनी शिकायत लिखित में दें। वेतन बढ़ोत्तरी सहित उनकी अन्य मांगों का समाधान किया जाएगा। धरने पर बैठने वाले कर्मचारियों में नीटू, मोनू, टिकू, राकेश, बंटी, राजू, राजकुमार, रविद्र, काका, राजन, सुनील आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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