हरिद्वार में एक परिवार समेत छह लोगों ने की सनातन में वापसी, गंगा स्नान और यज्ञ-हवन के बाद हुआ नामकरण संस्कार
हरिद्वार में एक परिवार समेत छह लोगों ने मुस्लिम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपनाया। तीर्थ सेवा न्यास के तत्वावधान में ...और पढ़ें

विधि-विधान से गंगा स्नान एवं यज्ञ-हवन के साथ हुआ नामकरण। जागरण

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, हरिद्वार। एक परिवार समेत छह लोगों ने की सनातन में वापसी की है। चंडीघाट पर आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में पीलीभीत, उत्तर प्रदेश निवासी परिवार के पांच सदस्यों और सहारनपुर निवासी एक युवक ने मुस्लिम धर्म छोड़कर सनातन को अपनाया।
आयोजन तीर्थ सेवा न्यास के तत्वावधान में हुआ, जिसमें न्यास के अध्यक्ष तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास महाराज के मार्गदर्शन में गंगा स्नान, यज्ञ-हवन, धार्मिक विधि-विधान एवं नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया।
घर वापसी करने वाले परिवार में माहिद, सबीना बीबी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। धार्मिक संस्कारों के बाद माहिद को मोहित, सबीना बीबी को खुशी, उनके दो पुत्रों को रोशन व रोहन और पुत्री को अनन्या नाम दिया गया।
धार्मिक संस्कारों के माध्यम से अपनाया सनातन
वहीं, सहारनपुर निवासी इब्राहिम ने भी धार्मिक संस्कारों के माध्यम से सनातन अपनाया। यज्ञ-हवन एवं नामकरण संस्कार के पश्चात उन्हें विराट पुंडीर नाम दिया गया। यज्ञ-हवन एवं नामकरण संस्कार आचार्य कुलदीप विद्यार्थी एवं मुकेश शास्त्री ने संपन्न कराया। कार्यक्रम में उपस्थित संत-महंतों एवं श्रद्धालुओं ने परिवार का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। तीर्थ सेवा न्यास की ओर से घर वापसी करने वाले सभी लोगों को प्रमाण-पत्र भी दिए गए।
तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास महाराज ने कहा कि सनातन केवल एक पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, संस्कार, कर्तव्य, सेवा और सदाचार से जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि है। जो व्यक्ति अपनी आस्था और जीवन-पथ के संबंध में कोई निर्णय लेता है, उसके साथ समाज को सम्मान, सद्भाव और सहयोग की भावना रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और सेवा की चेतना को मजबूत करना है। सनातन परंपरा में गंगा, यज्ञ, संस्कार और परिवार व्यवस्था का विशेष महत्व रहा है। नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
आचार्य कुलदीप विद्यार्थी ने कहा कि समाज में जाति, भाषा और क्षेत्र के भेद से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव व सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया जाना चाहिए। पायलट बाबा आश्रम रायवाला के महंत करण गिरि, पालप देव आश्रम के महंत ओमदास, महंत हितेश दास, ठाकुर शुभम सिंह, राजेश कुमार सहित कई संत इस अवसर पर मौजूद रहे।
