जागरण संवाददाता, हरिद्वार: उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से ऋषि संस्कृत महाविद्यालय निर्धन निकेतन खड़खड़ी में दो दिवसीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का उद्घाटन बुधवार को अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. प्रेमचंद शास्त्री ने किया।

प्रो. प्रेमचंद ने कहा कि अकादमी संस्कृत के संव‌र्द्धन के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत का प्रसार करना सभी का दायित्व है। विशिष्ट अतिथि लोक सेवा आयोग की उप सचिव डॉ. पुनीता वाजपेयी ने कहा संस्कृत को पढ़ने से बौद्धिक क्षमता, कौशल व तर्क शक्ति बढ़ती है।

इस अवसर पर प्रतियोगिता के मार्गदर्शक मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ. आरडी शर्मा, ऋषि रामकृष्ण महाराज, डॉ. भारत नंदन चौबे, डॉ. हरीशचंद्र गुरुरानी, डॉ. प्रकाश जोशी, कृष्णा रतूड़ी, डॉ. तारा दत्त जोशी आदि शामिल रहे। इनसेट

विजेता किए जाएंगे पुरुस्कृत

हरिद्वार: पहले दिन कनिष्ठ वर्ग में संस्कृत नाटक, संस्कृत समूहगान, नृत्य, संस्कृत वाद विवाद, आशुभाषण, श्लोकोचारण की प्रतियोगिता कराई गई। दूसरे दिन वरिष्ठ वर्ग में प्रतियोगिताएं होंगी। अंतिम रूप से विजेताओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। निर्णायक की भूमिका में डॉ. दामोदर परगांई, डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, डॉ. कुलदीप पंत, डॉ. निरंजन मिश्र, डॉ. ओमप्रकाश भट्ट शामिल रहे।

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