हरिद्वार, जेएनएन। गंगा रक्षा के लिए तप कर रहीं साध्वी पद्मावती पिछले कई घंटों से दिल्ली एम्स के आइसीयू में भर्ती हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। साध्वी हरिद्वार स्थित मातृसदन में तप कर रहीं थीं और तबीयत ज्यादा बिगड़ने के चलते उन्हें सोमवार को नई दिल्ली एम्स रेफर किया गया। उन्हें हरिद्वार से दिल्ली  एम्स तक एंबुलेंस के जरिए पहुंचाया गया।

इधर, मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि शासन और जिला प्रशासन साजिश के तहत साध्वी पदमावती को ऋषिकेश एम्स ले जाना चाहता था, लेकिन मातृसदन की सक्रियता के चलते वह ऐसा करने में नाकाम रहा। आरोप लगाया कि साध्वी को लेकर जा रही एंबुलेंस को बहादराबाद(हरिद्वार) में जबरदस्ती रोका गया। उनका कहना है कि अगर शासन-प्रशासन की नीयत उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली ले जाने की थी तो ढाई घंटे विलंब क्यों किया गया। इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।  

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी शिवानंद ने कहा कि सेहत बिगड़ने पर साध्वी को मातृसदन रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डाक्टरों की सलाह पर उन्हें दिल्ली एम्स ले जाया जा रहा था, लेकिन बहादराबाद में पुलिस-प्रशासन ने उनकी एंबुलेंस को रोक लिया। इतना ही नहीं, बगैर उनकी अनुमति साध्वी को ऋषिकेश एम्स ले जाया जाने लगा। 

हालांकि, मातृसदन की सक्रियता के चलते प्रशासन साध्वी को ऋषिकेश एम्स नहीं ले जा सका। उन्होंने ऋषिकेश एम्स ले जाने को षड्यंत्र करार देते कहा कि ऋषिकेश एम्स में शासन-प्रशासन की सांठगांठ है। साध्वी की जान को खतरा होने की आशंका भी जताई। उन्हें मरणासन्न स्थिति में लाकर ग्रीन कॉरिडोर वाली बात कहकर इसे प्रचारित करवाना स्पष्ट करती है कि शासन और प्रशासन स्तर से षड्यंत्र हुआ है। 

नालंदा के सांसद का जताया आभार

स्वामी शिवानंद ने नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से साध्वी को दिल्ली एम्स में भर्ती कराने में मदद मिली। उन्होंने जलपुरुष राजेंद्र सिंह से अनुरोध किया है कि साध्वी की जीवन रक्षा के लिए जो भी बेहतर उपाय हों किए जाएं। यदि देश से बाहर ले जाने की जरूरत पड़े तो उन्हें आपत्ति नहीं है। 

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साध्वी की ये हैं मांगें

- गंगा पर निर्माणाधीन व प्रस्तावित सभी बांधों को निरस्त किया जाए

- गंगा में प्राकृतिक प्रवाह को दुरुस्त रखने के लिए ई-फ्लो(पयार्वरण प्रवाह) की ठोस व्यवस्था बनाई जाए।

- गंगा में खनन से संबंधित एनजीटी के आदेशों का अक्षरश: पालन किया जाए

- गंगा एक्ट के लिए सरकार राष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत चर्चा करे 

- एनजीटी के जज राघवेंद्र राठौर को गंगाद्रोही घोषित किया जाए

- हरिद्वार एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज.एस को निलंबित कर उनकी जांच की जाए

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Posted By: Raksha Panthari

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