जागरण संवाददाता, रुड़की: एक सप्ताह बाद रुड़की डिपो में रोडवेज बसों का संचालन व्यवस्थित रूप से शुरू हो गया है। पांच दिन बाद जहां हरिद्वार के लिए रुड़की से सीधी बस सेवा संचालित की गई, वहीं दिल्ली के लिए भी सीधे बसों का संचालन शुरू हो गया है। इसके साथ ही देहरादून, दिल्ली और हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिल गई है।

28 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई थी। कांवड़ शुरू होने के साथ ही यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई। प्रशासन ने पांच अगस्त से रूट परिवर्तित करने का फैसला लिया था, लेकिन तीन अगस्त को ही कांवड़ यात्रियों की जबरदस्त भीड़ आने के साथ ही बसों का संचालन प्रभावित हो गया। दिल्ली जाने वाली बसों को वाया देवबंद, मुजफ्फरनगर, रामराज होकर भेजा गया। बाद में इस रूट को लंबा करते हुए करनाल से दिल्ली का रूट निर्धारित कर दिया गया। दिल्ली जाने वाली बस 36 घंटे में लौटकर रुड़की पहुंच रही थी। इसी तरह से पांच अगस्त से रुड़की का हरिद्वार से सीधा संपर्क टूट गया। रुड़की डिपो की एक भी बस हरिद्वार नहीं जा पाई। कांवड़ की भीड़ को देखते हुए चालक-परिचालकों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। इसके चलते कभी छह तो कभी सात बसें ही संचालित हो रही थी। गुरुवार शाम कांवड़ यात्रा संपन्न हो गई। इसके चलते शुक्रवार सुबह से ही बसों का संचालन विधिवत रूप से शुरू हो गया। सुबह से ही बस अड्डे पर दिल्ली, हरिद्वार की भीड़ रही। वहीं देहरादून के लिए भी बसों का संचालन सुचारू हो गया। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी विवेक कपूर ने बताया कि वैसे तो कांवड़ यात्रा के दौरान रुड़की डिपो सबसे अधिक प्रभावित रहती है। इस बार समय से पहले बसों का रूट परिवर्तित कर दिया गया। इसका असर निगम की आय पर पड़ा है। करीब 25 लाख आय प्रभावित होने की आशंका है।

Posted By: Jagran