कलियर, [जेएनएन]: अब भला चलती गाड़ी अचानक हवा में झूलने लगे, तो किसकी सांसे नहीं थमेंगी। कुछ ऐसा ही हुआ हरिद्वार जिले में। जहां इमलीखेड़ा-हरिद्वार बाईपास मार्ग पर एक श्रद्धालुओं की बस अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से लटक गई। गनीमत यह रही की बस नीचे नहीं गिरी। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। श्रद्धालुओं की यह बस वैष्णों देवी से हरिद्वार जा रही थी। बस में करीब 50 लोग सवार थे। लोगों ने किसी तरह से बस से कूदकर अपनी जान बचाई। 

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और मेरठ जिले के करीब 50 श्रद्धालु टूरिस्ट बस से वैष्णों देवी के दर्शन करने गए थे। दर्शन करने के बाद बुधवार को श्रद्धालु बस से हरिद्वार के मंदिरों के दर्शन करने जा रहे थे। सुबह करीब पांच बजे जैसे ही बस भगवानपुर-इमलीखेड़ा रोड स्थित सोलानी नदी के पुल पर पहुंची तो अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। पुल की रेलिंग तोड़ते हुए बस का अगला हिस्सा हवा में लटक गया। जिस समय हादसा हुआ उस दौरान श्रद्धालु नींद में थे, झटका लगते ही सभी की नींद खुल गई। 

बस को हवा में लटका देख सभी श्रद्धालुओं की सांस अटक गई। गनीमत यह रही कि बस के दरवाजे सड़क की तरफ थे। जिसके चलते सभी ने बस के पिछले दरवाजे से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद कलियर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को रेलिंग से उतारा। हादसे के कारणों की स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है। बस चालक उत्तम सिंह निवासी ग्राम बामनेडी जिला मुजफ्फरनगर का कहना है कि बस की कमानी टूटने से दोनों पहिए नीचे थे, जिससे यह हादसा हुआ है। जबकि पुलिस आशंका जता रही है कि चालक को नींद की झपकी आने से हादसा हुआ है। फिलहाल, दूसरी बस बुलाकर श्रद्धालुओं को रवाना कर दिया गया है। 

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Posted By: Raksha Panthari