हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कारिडोर का CM धामी ने किया शिलान्यास, अर्धकुंभ से पहले पूरा होगा प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

बहुप्रतीक्षित हरिद्वार गंगा कॉरिडोर की प्रथम चरण की करीब 235 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
HighLights
मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में 235 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास किया।
हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनर्विकास होगा।
परियोजनाएं अर्धकुंभ से पहले पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित।
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कारिडोर के कार्यों को धरातल पर उतारने का श्रीगणेश हो गया है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने करीब 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास कर इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का लक्ष्य तय किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआइआइडीबी) द्वारा संचालित इन परियोजनाओं का कार्य अर्धकुंभ से पहले पूरा होगा।
मंगलवार को अलकनंदा होटल हरिद्वार में आयोजित समारोह में 43.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग कारिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया
इस मौके पर प्रशासनिक कारिडोर का नाम भागीरथी मार्ग प्रस्तावित किया गया। साथ ही, 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये की लागत से हरकी पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है कि विकास कार्य को लटकाना नहीं है, भटकाना नहीं है। जो फाइल उनके पास आई है उसे स्वीकृति मिली है। यह उनकी कार्य संस्कृति का हिस्सा है।
उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार में नए घाटों एवं पुलों का निर्माण, प्रमुख संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा यातायात व्यवस्था के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।
बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, ज्वालापुर एवं शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नए पुल का निर्माण और पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगति पर हैं। हरिद्वार मेडिकल कालेज निर्माण अंतिम चरण में है। सप्ताह में छह दिन ओपीडी शुरू हो चुकी है।
हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत चार प्रमुख परियोजनाओं का विवरण
1. हर की पैड़ी–सुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना
इस परियोजना के अंतर्गत हर की पैड़ी कॉरिडोर के सुभाष घाट क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बढ़ती संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए धनुष घाट क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, जिससे पवित्र स्नान एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।
परियोजना के अंतर्गत धनुष पुल, आस्था पथ एवं बोर्डवॉक पुल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही भीड़ प्रबंधन एवं आपातकालीन निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। गंगा घाट के पैदल मार्ग का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक हो सके।
2. हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना
इस परियोजना का उद्देश्य हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है। आगामी महाकुंभ एवं कांवड़ यात्रा सहित वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग, भीड़ प्रबंधन एवं सार्वजनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों का विकास, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा, जिससे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान आवागमन एवं व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।
3. रोड़ी बेलवाला क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना
रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के समग्र पुनर्विकास के माध्यम से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं आधुनिक वातावरण विकसित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों के अनुरूप आधुनिक आधारभूत संरचना तैयार करना है।
इसके अंतर्गत जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, विभिन्न सिविल कार्य, निगरानी प्रणाली (सर्विलांस), पैदल सुविधाओं का विकास तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
4. प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना
इस परियोजना के माध्यम से प्रशासनिक मार्ग का चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक स्वरूप में विकास किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य हरिद्वार के प्रमुख मार्ग पर सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
मार्ग के उन्नयन से यातायात संचालन में सुधार होगा, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनेगी तथा महाकुंभ, कांवड़ यात्रा एवं अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
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