संवाद सहयोगी, रुड़की: शराब पीकर उत्पात बचाने वालों से परेशान महिलाओं ने शराब के ठेके पर ही धरना दे दिया। यही नहीं जो भी व्यक्ति वहां शराब लेने पहुंचा नाराज महिलाओं ने उसे खदेड़ दिया। मामले की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन महिलाएं नहीं मानी। बाद में तहसीलदार के काफी समझाने-बुझाने और आश्वासन देने पर उन्होंने धरना समाप्त किया।

ढंडेरा क्षेत्र की एक गली में देशी शराब के ठेके के बाहर रविवार सुबह क्षेत्र की कई महिलाएं एकत्रित हो गई। इसके बाद सभी महिलाओं ने धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। वे इस ठेके को बंद करने की मांग कर रही थी। इस पर ठेका स्वामी ने मामले की शिकायत कोतवाली सिविल लाइंस पुलिस से की। सूचना पर एसएसआइ प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को समझाया। लेकिन महिलाएं शराब का ठेका दूसरे स्थान पर कर दिये जाने की मांग पर अड़ी रही। मामला बिगड़ा देख तहसीलदार सुनैना राणा भी वहां पहुंच गई। महिलाओं ने उन्हें बताया कि सुबह से लेकर ठेका बंद होने तक शराब खरीदने वालों की लाइन गली में लगी रहती है। यही नहीं शराब पीकर वह गलियों में हंगामा करते हैं। कॉलोनी वासियों को भद्दी गालियां एवं धमकी देते हैं। विरोध करने पर वह मारपीट तक को तैयार रहते हैं। जिसके कारण कॉलोनी में रहना मुश्किल हो गया है। उनके साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। कॉलोनी में कई सैनिक परिवार भी रहते हैं। महिलाओं की शिकायत पर तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगी। साथ ही जल्द से जल्द इसका निस्तारण कराने का प्रयास करेंगी। तहसीलदार के इस आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना धरना प्रदर्शन वापस ले लिया। ठेका संचालक को भी हिदायत दी कि वह भीड़ न जमा होने दे। किसी को भी ठेके के पास शराब न पीने दे।

Posted By: Jagran

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