हरिद्वार, जेएनएन। पतंजलि योगपीठ फेज दो स्थित श्रद्धालयम ऑडिटोरियम में पतंजलि योगपीठ की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का केंद्रीय लघु और मध्यम उद्योग और पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप सारंगी ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि योगगुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाई है। इस मौके पर युवाओं को पुरुषार्थ का महत्व बताते हुए स्वस्थ व समृद्ध जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया। 

केंद्रीय राज्य मंत्री ने पीएम मोदी के जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35-ए को हटाए जाने की प्रशंसा करते हुए भारत के विभाजन को विनाशकारी बताया। उन्होंने एनआरसी, सीएए और एनपीए के संदर्भ में लोगों को जागृत करते हुए कहा कि राष्ट्र को बांटने की मानसिकता फैलाने वाले लोग भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भारतीय ऋषियों की धरोहर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जितना प्रश्रय मिलना चाहिए था हमारी कमजोर सोच के कारण उतना नहीं मिला। यह वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में ही प्रयोग होता रहा। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद के क्षेत्र में जितना अनुसंधान होना चाहिए था वह नहीं हो सका। 

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दुनिया में 3.6 लाख प्रजातियों के पौधे हैं, लेकिन उनमें से औषधीय पौधों की पूरी गणना अभी तक मौजूद नहीं है। पहली बार पतंजलि ने अनुसंधान कर एक चेकलिस्ट बनाई है जो बताती है कि दुनिया में करीब 62 हजार औषधीय पौधे हैं। इन पर अभी पतंजलि अनुसंधान संस्थान के माध्यम से शोध किया जा रहा है। 

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Posted By: Raksha Panthari

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