जागरण संवाददाता, रुड़की। अदालत का निर्णय आने से पहले फरार पाक नागरिक को 11 घंटे बाद एलआइयू ने गिरफ्तार कर लिया। पाक नागरिक पुलिस को चकमा देकर सुबह घर से फरार हो गया था। अभियुक्त सब इंस्पेक्टर और पांच पुलिसकर्मियों की निगरानी में था। अभियुक्त को पकड़ने के लिए जिले में चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। 

वर्ष 2010 में पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने असद अली उर्फ अजीत सिंह निवासी लाहौर, पाकिस्तान को जासूसी के शक में गिरफ्तार किया था। उसके पास से कई जगहों के नक्शे और आपत्तिजनक सामान मिला था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। करीब तीन साल जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई थी। यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा था। बुधवार को हाईकोर्ट में इस मामले का निर्णय आना था।

इसे लेकर खुफिया और पुलिस की टीम असद के घर की निगरानी कर रही थी। सुबह करीब दस बजे जैसे ही असद घर से निकलने लगा तो पुलिस ने रोक दिया। जिस पर असद ने हंगामा भी किया, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। इसके बाद असद ने पुलिस को बताया कि उसके बच्चे भूखे हैं और उसे थोड़ी दूरी पर स्थित अपने ससुराल से सिलिंडर लाना है। पुलिस उसकी बातों में आ गई।

यहां से असद थोड़ी दूरी पर स्थित ससुराल पहुंचा और यहां से कपड़े बदलकर फरार हो गया। उसके गायब होने से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस और खुफिया विभाग की टीम उसकी देर शाम तक तलाश करती रही। शहर के कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रात नौ बजे करीब 11 घंटे बाद अभियुक्त असद को एलआइयू के हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार और उप निरीक्षक राजेंद्र आर्य ने रुड़की के भरत नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। असद अली को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

दोपहर एक बजे भरत नगर में दिखा असद

असद के फरार होने के बाद पूरे जिले की पुलिस उसकी तलाश में लगी है। पुलिस टीम को किसी ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे भरत नगर में असद देखा गया है। जिसके बाद पुलिस टीम ने भारतनगर की घेराबंदी कर ली, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने बार्डर पर नाकेबंदी कर दी थी। रात नौ बजे असद को भरत नगर से ही गिरफ्तार किया गया।

खुफिया विभाग के चेताने के बावजूद लापरवाह रही पुलिस

खुफिया विभाग को उसके फरार होने का अंदेशा था। इस कारण पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। बावजूद इसके पुलिस असद पर विश्वास कर उसकी बातों में आ गई। पुलिस की यही चूक लापरवाही की वजह बन गई। इस मामले में अब लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

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Edited By: Sunil Negi