हरिद्वार, [जेएनएन]: बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद हर रोज नई बात सामने आ रही है। जांच में जुटी उत्तर प्रदेश एसटीएफ को पता चला है कि जेल में मुन्ना को मारने के लिए सुनील राठी ने एक नहीं, बल्कि दो पिस्टल इस्तेमाल की थी। मेरठ लिसाढ़ी गेट क्षेत्र के एक शख्स ने जेल में पिस्टल पहुंचाई थी।

मेरठ में ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि पिस्टल पहुंचाने वाला शख्स बिजनौर के रास्ते उत्तराखंड में छिप गया है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ से मिले इनपुट से उत्तराखंड पुलिस अलर्ट हो गई है। खासतौर पर हरिद्वार और कोटद्वार में गुप्त रूप से उसकी तलाश चल रही है।

वहीं उत्तर प्रदेश एसटीएफ कभी भी उत्तराखंड पहुंच सकती है। रंगदारी व चौथ वसूली के धंधे में हरिद्वार जनपद में एकछत्र राज करने वाले सुनील राठी ने बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद पिस्टल, मैग्जीन व कारतूस जेल के गटर में फेंक दिए थे। पुलिस ने पिस्टल, एक अतिरिक्त मैग्जीन व 20 से 22 कारतूस बरामद भी किए हैं। 

चूंकि मुन्ना को कुल नौ गोलियां मारी गई हैं और पिस्टल की मैग्जीन में कुल छह कारतूस होते हैं। जेल प्रशासन खुद यह मान रहा है कि मुन्ना के नीचे गिरने के बाद राठी ने उसे उठने का मौका नहीं दिया और मुन्ना के सीने व सिर में नौ गोलियां उतार दी। ऐसे में उत्तर प्रदेश एसटीएफ इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि मुन्ना की हत्या में दो पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है।

साथ ही यह भी पता चला है कि जेल में पिस्टल पहुंचाने वाला शख्स मेरठ में लिसाढ़ी गेट इलाके का रहने वाला है। एसटीएफ व मेरठ पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह छापेमारी भी की, पर वह हाथ नहीं आया। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को पता चला है कि राठी से जुड़ा यह व्यक्ति बिजनौर के रास्ते उत्तराखंड भाग गया है। बिजनौर की सीमा उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद और पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार से मिलती है।

इसलिए यह आशंका जाहिर की जा रही है कि वह हरिद्वार या कोटद्वार में राठी के किसी करीबी के ठिकाने पर छिपा हो सकता है। इस बारे में हालांकि उत्तराखंड के पुलिस अधिकारी अभी खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे हैं, मगर मुन्ना की हत्या सुनील राठी के हाथों होने के कारण उत्तराखंड पुलिस की निगाहें उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच पर टिकी हुई है। हरिद्वार में राठी के मददगारों की कमी नहीं हरिद्वार जनपद में सुनील राठी के मददगारों की कमी नहीं है।

प्रॉपर्टी डीलर से लेकर सफेदपोश तक से उसके गहरे संबंध हैं, जो राठी को आर्थिक मदद के अलावा समय-समय पर उससे जुड़े लोगों को शरण देने का काम भी करते हैं। छह महीने पहले कनखल के प्रॉपर्टी डीलरों के बीच करोड़ों की राशि को लेकर विवाद होने के बाद राठी की डीलरों और सफेदपोश लोगों से घनिष्ठता की ऐसे कई परतें खुलकर सामने आई। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके के निर्देश पर पुलिस व खुफिया विभाग ने जिले में राठी के मददगारों की सूची भी बनाई हुई है। इन लोगों पर पुलिस की निगरानी अब और बढ़ गई है।

कृष्ण कुमार वीके (एसएसपी, हरिद्वार) का कहना है कि बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या का सीधा कनेक्शन तो हरिद्वार से नहीं है। मगर घटना के बाद हर उस पहलू पर नजर रखी जा रही है, जिसका संबंध हरिद्वार या किसी व्यक्ति से हो सकता है। राठी सहित अन्य आपराधिक लोगों से जिनके संबंध हैं, उन पर निगाह बनी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस या एसटीएफ कोई मदद मांगती है तो उपलब्ध कराई जाएगी। 

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