संवाद सहयोगी, रुड़की : सिविल लाइंस नहर किनारे बना चौपाटी बाजार कभी भी जंग का मैदान बन सकता है। चौपाटी बाजार में नए ठीये लगवाए जाने को लेकर तनातनी बढ़ती जा रही है। जो कभी एक संघर्ष का रुप ले सकती है। वहीं, बाजार में ग्राहकों के खाने पीने के लिए लगाई गई लोहे की स्थायी मेजों को भी कुछ लोग उखाड़ने की तैयारी में है। ठीयों की खरीद फिरोख्त में निगम निगम के एक कर्मचारी का नाम भी चर्चा में है।

पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन ने शहर में जहां-तहां लगने वाली खाने-पीने की रेहड़ियों के लिए सिविल लाइंस में नहर किनारे चौपाटी बाजार बनवाया था। तत्कालीन एसडीएम हरीश चंद कांडपाल ने बाजार में अतिक्रमण करने वाली फास्ट फूड व चाट आदि की रेहड़ियों को यहां हटवा दिया था। इस बाजार में उस समय करीब दो दर्जन रेहड़ियां स्थापित कराई गई थी। चौपाटी बाजार में लोहे की स्थायी मेज भी लगवाई गई थी। लेकिन, पिछले कुछ समय से इस बाजार में लगातार ठीये बढ़ाए जा रहे हैं। जिससे रेहड़ी वालों में आए दिन छिटपुट नोंकझोंक हो रही है। बाजार में रेहड़ी लगाने वालों की माने तो कुछ लोग दबंगई भी कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन व निगम के अधिकारियों ने समय से ध्यान न दिया तो कभी बड़ा संघर्ष हो सकता है। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने बताया कि चौपाटी बाजार सिचाई विभाग की भूमि पर बना हुआ है। यदि यहां पर ठीयों को लेकर कोई विवाद की स्थिति बनी हुई है तो वह इस मामले की जांच कराएंगी। संबंधित अधिकारियों को भी इससे अवगत कराया जाएगा।

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