संवाद सहयोगी, रुड़की : रामपुर एवं पाडली गुर्जर गांव में सफाई का संकट गहरा गया है। नगर निगम ने अपने सफाई कर्मचारी इन क्षेत्रों से वापस बुला लिए हैं। ऐसे में 22 हजार की आबादी वाले इन दोनों गांवों में गंदगी के ढेर लगने लगे हैं।

नगर निगम रुड़की क्षेत्र से रामपुर और पाडली गुर्जर गांव को बाहर कर दिए जाने के चलते अब निगम ने इन दोनों क्षेत्रों से अपने सफाई कर्मचारियों को वापस बुला लिया है। उन्हें निगम में शामिल हुए नये क्षेत्रों में लगाया जा रहा है। रामपुर गांव में 27 और पाडली गुर्जर में 13 सफाई कर्मचारी तैनात थे। इसके अलावा कूड़ा कलेक्शन के लिए इन दोनों गांवों में दो छोटे टेंपों वाहन और करीब 10 रेहड़े लगे हुए थे। जिससे दोनों गांवों में सफाई चकाचक रहती थी। शासन ने नगर निगम क्षेत्र से इन दोनों गांवों को बाहर कर दिया था। इन दोनों गावों को बाहर करने के बाद ही नगर निगम का चुनाव हुआ है। यही कारण है कि इन क्षेत्रों से नगर निगम रुड़की का अब कोई वास्ता नहीं रह गया है। निगम ने इन दोनों गांवों की सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को वापस बुला लिया है। साथ ही कूड़ा वाहनों को भी वहां से हटा दिया है। जिससे इन दोनों गांवों में सफाई फिलहाल बंद हो गई है। ऐसे में इन दोनों गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। लोग गंदगी से परेशान हो गए हैं। पाडली गुर्जर निवासी नौशाद अली का कहना है कि उनका गांव न तो नगर पंचायत में रह गया और न ही नगर निगम में। प्रशासन को उनके गांव में सफाई व्यवस्था के लिए कदम उठाने चाहिए।

वहीं नगर निगम रुड़की में शामिल हुए आसफनगर, मोहनपुरा और साउथ सिविल लाइंस में निगम ने सफाई कार्य शुरू करा दिया है। नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने बताया कि पाडली और रामपुर गांव नगर निगम क्षेत्र से बाहर हैं। इसलिए सफाई कर्मचारियों को निगम के अन्य क्षेत्रों में लगाया गया है।

Posted By: Jagran

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