जागरण संवाददाता, रुड़की: उत्तराखंड किसान मोर्चा की मासिक पंचायत में जिले में डीएपी एवं यूरिया की किल्लत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने कहा कि जब भी उन्हें खाद की जरूरत होती है, तभी सरकारी समितियों के गोदाम में खाद नहीं मिलता है। इसलिए अब किसान सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।

शुक्रवार को रुड़की के प्रशासनिक भवन में हुई मासिक पंचायत में उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए कोई काम नहीं कर रही है। हरिद्वार जिले की स्थिति यह है कि अधिकारी किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। चीनी मिलों को बंद हुए तीन माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन अभी तक गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। इसी तरह बिजली के बिल भी दुरुस्त नहीं किए जा रहे हैं। किसान परेशान हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए किसान के पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए अब गांव-गांव में बैठक आयोजित की जा रही है। अधिक से अधिक संख्या में किसानों को संगठन से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा किसानों की समस्याओं को सूचीबद्ध कर जल्द ही जिले के आला अधिकारियों को एक ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को किसी भी सूरत में दबने नहीं दिया जाएगा। अब सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। शहीद अहमद की अध्यक्षता एवं दीपक पुंडीर के संचालन में आयोजित पंचायत में पवन त्यागी, सुरेंद्र लंबरदार, आजम, सतवीर प्रधान, दुष्यंत कुमार, राजकुमार, जोगेंद्र सिंह, मुकर्रम अली, पप्पू भाटिया, प्रमोद कुमार, शाहिब आदि मौजूद रहे।

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