जागरण संवाददाता, रुड़की: फरियाद लेकर थाना कोतवाली में पहुंच रहे पीड़ितों को इंसाफ मिलने के बजाय फटकार मिल रही है। यह फटकार कोई और नहीं बल्कि थाने के प्रभारी से लेकर दारोगा और सिपाही लगा रहे हैं। फरियादियों के साथ हो रहे इस व्यवहार की शिकायत हर रोज अधिकारियों के दरबार में पहुंच रही है।

उत्तराखंड पुलिस को मित्र पुलिस का दर्जा है। पुलिस की ओर से थानों में मित्रता सेवा सुरक्षा के स्लोगन भी लगाए गए हैं, जिससे कि मित्र पुलिस को थाने में आने वाले हर व्यक्ति के साथ अच्छा व्यवहार करने का ध्यान रहे। लेकिन यह स्लोगन ही पुलिस का मुंह चिढ़ा रहे हैं। थाने में शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों से पुलिस रुखा व्यवहार कर रही है, जिससे फरियादियों को इंसाफ मिलना तो दूर वह अपनी शिकायत तक थाना प्रभारी और दारोगा से नहीं कर पा रहे हैं। थाने में शिकायतें लेकर आने वाले कुछ लोग मित्र पुलिस पर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं कि उनके साथ थाने में अच्छा व्यवहार नहीं होता है। जौरासी निवासी ग्रामीण का कहना है कि कुछ दिन पहले जमीन संबंधी शिकायत लेकर थाने गया था लेकिन उससे इस तरह का व्यवहार किया गया, जैसे उसने कोई अपराध कर दिया हो। इस तरह का यह अकेला मामला नहीं है। ऐसे कई मामले आए दिन अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि उनके पास भी इस तरह की कई शिकायतें आ चुकी हैं। सभी थाना और कोतवाली प्रभारियों को लोगों से अच्छा व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। फरियादियों से गलत व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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