मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

रुड़की, जेएनएन। हरिद्वार जिले में राजनीतिक दल एक-दूसरे के वोट बैंक में सेंधमारी के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। बसपा की ओर से आयोजित जनसभा के दौरान कांग्रेस और भाजपा के तमाम नेताओं की निगाह लगी रही। रैली में शामिल होने वाले लोगों के बारे में हाईकमान को अपडेट करते रहे।

इस बार प्रत्याशियों को चुनाव के लिए बेहद कम समय मिला है। आम मतदाता इस बार चुप्पी साधे हुए है। आम मतदाता की यह चुप्पी प्रत्याशियों की बैचेनी को बढ़ाए हुए हैं। बसपा की शनिवार को आयोजित रैली के दौरान तमाम नेता अपनी बिरादरी के लोगों का आह्वान करते नजर आए कि इस बार उनको साथ देना है। बीच-बीच में अहसास कराने की कोशिश करते नजर आए कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां कार्यकर्ता प्रत्याशी नहीं पार्टी को वोट देता है। मायावती की रैली पर भाजपा और कांग्रेस के लोगों की निगाह भी लगी रही। पहले तो यहीं जानने की कोशिश में रहे कि कोई बड़ा नेता को पार्टी ज्वाइन नहीं कर रहा है। इसके अलावा रैली में किसी बिरादरी के लोग है। किस इलाके से ज्यादा लोग पहुंचे है। इन सब बातों को लेकर ही चर्चा होती रही। 

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Posted By: Sunil Negi

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